गुजरात में एक कार्यक्रम में आरएसएस महासचिव दत्तात्रेय होसबोले ने हिंदू राष्ट्र को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा, भारत पहले से ही हिंदू राष्ट्र है। समाज के लिए जीना ही हिंदुत्व है। भारत को हिंदू राष्ट्र या हिंदू राष्ट्र में बदलने की कोई जरूरत नहीं है।
गुजरात के कच्छ जिले के भुज में संघ की तीन दिवसीय अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक आयोजित की गई। हिंदू राष्ट्र के मुद्दे पर कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के महासचिव दत्तात्रेय होसबोले ने कहा, संगठन का मानना है कि भारत को हिंदू राष्ट्र या हिंदू राष्ट्र में बदलने की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि देश हमेशा से एक रहा है।
विज्ञापन
होसबोले बोले, भारत पहले से ही हिंदू राष्ट्र है
पत्रकारों से बातचीत के दौरान दत्तात्रेय होसबोले ने कहा, भारत पहले से ही एक हिंदू राष्ट्र है और यह भविष्य में भी रहेगा। आरएसएस के संस्थापक डॉ. हेडगेवार को याद करते हुए कहा, उन्होंने एक बार कहा था कि जब तक देश में हिंदू हैं, यह देश हिंदू राष्ट्र है। एक राष्ट्र के रूप में भारत था, भारत है और भारत एक हिंदू राष्ट्र रहेगा।
होसबोले ने कहा, समाज के लिए जीना ही हिंदुत्व है
पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवालों पर जवाब देते हुए होसबोले ने कहा, देश की एकता की परवाह करना और समाज के भले के लिए कुछ समय बिताना हिंदुत्व है। आरएसएस लोगों को यह एहसास दिलाने का काम करता है कि भारत एक हिंदू राष्ट्र है। इसलिए, हिंदू राष्ट्र स्थापित करने की कोई आवश्यकता नहीं है क्योंकि भारत पहले से ही एक है और आरएसएस का यही मानना है।
विज्ञापन
होसबोले का दावा, उत्तर बनाम दक्षिण के नाम पर विभाजन की साजिश
आरएसएस महासचिव होसबोले ने दावा किया कि देश के सामने मुख्य चुनौतियों में से एक देश को उत्तर बनाम दक्षिण के आधार पर विभाजित करने की साजिश है। कुछ लोग अब कह रहे हैं कि दक्षिण भारत उत्तर भारत से अलग है। राजनीतिक और बौद्धिक स्तर पर दक्षिण को अलग करने की साजिश चल रही है। दावा किया जा रहा है कि वे द्रविड़ हैं और उनकी भाषा भी अलग है। यह देश को कमजोर करने की रणनीति है।