प्रणब दा के बढ़े कदमों पर कांग्रेस नेताओं की चिंता और आखिर समय तक उन्हें भावनात्मक रूप से रोकने की कोशिशें भी नाकाम रही। कांग्रेस परिवार की कई कोशिश के बाद भी संघ परिवार भारी पड़ा। कार्यक्रम से कुछ घंटों पहले बेटी शर्मिष्ठा मुखर्जी की मार्मिक अपील के आधार पर सोनिया गांधी के राजनीतिक सलाहकार और सांसद अहमद पटेल का एक लाइन का ट्वीट मुझे प्रणब दा से ऐसी उम्मीद नहीं की थी, कांग्रेस परिवार की लाचारी और परेशानी को दर्शाता है। कांग्रेस के कई नेताओं ने बारी-बारी अपनी बात प्रणब दा तक पहुंचाई लेकिन दादा ने संघ से किया वादा निभाया।
राहुल की कांग्रेस ने जिस तरह आक्रामकता के साथ भाजपा और संघ परिवार पर निशाना साधा है उसे प्रणब दा का ये फैसला अपनी वैचारिक हार की तरह दिख रहा है। कांग्रेस आखिर समय तक अधिकृत तौर पर किसी टिप्पणी से बचती रही। बावजूद वरिष्ठ नेता सीके जाफर शरीफ, पी.चिदंबरम, जयराम रमेश समेत करीब दो दर्जन नेताओं ने प्रणब दा को अपनी भावनाओं से अवगत करा संघ के निमंत्रण पर पुनर्विचार को कहा। अपनी पुरानी पार्टी और परिवार के प्रति दादा तटस्थ रहे।
कांग्रेस के लिए कुछ राहत प्रवण दा के परिवार से यानि बेटी शर्मिष्ठा मुखर्जी की प्रतिक्रिया से रही। प्रणब दा के नागपुर जाने की खबरों ने कांग्रेस की बैचेनी काफी बढ़ा दी थी। दिल्ली महिला कांग्रेस की अध्यक्ष और एक बेटी के तौर पर शर्मिष्ठा की अपील ने कांग्रेस को साहस भी तिदया। बेटी की अपील को आधार बनाकर अहमद पटेल भी अपनी भावनाओं को नहीं रोक पाए।
अहमद पटेल के बयान को सोनिया गांधी की नाराजगी से जोड़कर भी देखा जा रहा है लेकिन पटेल के करीबियों का कहना है कि प्रणब दा जिस तरह से पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के लिए सम्मानित रहे हैं और जिस तरह बेटी की पीड़ा सामने आई उसे देखते हुए पटेल ने भी उन्हें अपनी भावना से अवगत करा दिया।