केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस साल अपने वार्षिक आय और खर्च का ब्यौरा देने में असफल रहने वाले एनजीओ से जुर्माने के रूप में पांच करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना वसूला। यह जानकारी एक वरिष्ठ अधिकारी ने दी।
विदेश अंशदान विनियमन अधिनियम (एफसीआरए) के तहत निर्धारित तिथि के भीतर एनजीओ को वार्षिक रिटर्न भरना अनिवार्य होता है। गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि जुर्माने के साथ वार्षिक रिटर्न दाखिल नहीं करने पर एफसीआरए के तहत उनका पंजीकरण रद करने के बारे में कहे जाने पर एनजीओ को जुर्माना देना पड़ा था।
अधिकारी ने बताया कि सितंबर के अंत तक मंत्रालय को इन एनजीओ से पांच करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम मिली। एफसीआरए नियमों के मुताबिक, हर साल 31 दिसंबर तक एफसीआरए लेखा प्रस्तुत नहीं किए जाने पर जुर्माने के लिए खंड बनाया गया है।