भारत और न्यूजीलैंड के बीच मुंबई में खेले गए तीन मैचों की सीरीज के पहले मैच में टीम इंडिया को 7 विकेट से हार का सामना करना पड़ा है। टॉन लैथम और रॉस टेलर के बीच हुई 200 रन की साझेदारी की बदौलत कीवी टीम ने 6 विकेट रहते टीम इंडिया द्वारा दिए 281 रन के लक्ष्य को हासिल कर लिया। विराट के शतक पर टॉम लैथम का शतक भारी पड़ा। लैथम ने 95 गेंद में शानदार शतक पूरा किया। उनका साथ अनुभवी रॉस टेलर ने दिया। 49वें ओर में भुवी ने रॉस टेलर को आउट कर टीम इंडिया को चौथी सफलता दिलाई लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
80 रन पर तीन विकेट गंवाने के बाद कीवी टीम परेशानी में पड़ गई थी लेकिन रॉस टेलर और टॉम लैथम ने चौथे विकेट के लिए 200 रन जोड़े। यह वानखेड़े स्टेडियम में किसी भी विकेट के लिए हुई सबसे बड़ी साझेदारी है। टेलर ने 95 और 103* रन बनाए। लैथम ने 95 गेंदों में अपने करियर का चौथा शतक पूरा किया। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जीत की कुंजी साबित हुए चहल और कुलदीप का कीवी बल्लेबाजों ने स्वीप और रिवर्स स्वीप शॉट से सामना किया। उनकी रणनीति कारगर रही और मैच में आसानी से जीत हासिल कर ली।
मुंबई में टीम इंडिया ने न्यूजीलैंड को 281 रनों की चुनौती दी विशाल लक्ष्य का पीछा कर रही न्यूजीलैंड को हार्दिक पांड्या ने मार्टिन गुप्टिल को आउट कर तगड़ा झटका दिया। गुप्टिन ने 32 रन बनाए। दिनेश कार्तिक ने शानदार कैच लपक कर गुप्टिल को पवेलियन भेजा। ओपनर बैट्समैन कोलिन मुनरो को जसप्रीत बुमराह ने 29 रन के निजी स्कोर पर दिनेश कार्तिक के हाथों कैच कराया। कप्तान केन विलियमसन 6 रन बनाकर कुलदीप यादव की गेंद पर केदार जाधव के हाथों लपके गए।
न्यूजीलैंड की पारी की शुरुआत भी अच्छी रही। मुनरो के रूप में कीवी टीम को पहला झटका लगा मुरनो 35 गेंद में 28 रन बनाकर बुमराह का शिकार बने। उस वक्त टीम का स्कोर 9.2 ओवर में 48 रन था। इसके बाद बल्लेबाजी के लिए आए कप्तान केन विलियमसन भी जल्दी पवेलियन लौट गए। 6 रन बनाने के बाद वह कुलदीप की फरकी में फंस गए। विलियसन के पवेलियन लौटने के बाद मार्टिन गप्टिल 32 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। पांड्या की गेंद पर दिनेश कार्तिक ने उनका शानदार कैच लपका।
भारतीय गेंदबाजी रविवार को पूरी तरह नाकाम रही। कोई भी गेंदबाज कीवी बल्लेबाजों पर दबाव नहीं डाल सके। पांड्या को छोड़कर अन्य सभी ने 5 से ज्यादा की औसत से रन खर्च किए। भुवी, कुलदीप, बुमराह और पांडया ने 1-1 विकेट हासिल किया।
इससे पहले टॉस जीतकर भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। टीम इंडिया को बोल्ट ने शुरुआती झटके दिए और दोनों ओपनर्स को जल्दी पवेलियन वापस भेज दिया। पहला विकेट गंवाने के बाद बल्लेबाजी के लिए उतरे विराट अंतिम ओवर में आउट होकर पवेलियन लौटे और करियर का 31वां शतक पूरा किया। उनकी कप्तानी पारी की बदौलत भारत निर्धारित 50 ओवर में 8 विकेट पर 280 रन बनाने में सफल हुई।
अपने 200 वें वन डे में कोहली ने 31 वां शतक जड़कर ऑस्ट्रेलिया के महान बल्लेबाज रिकी पोंटिंग के वन डे में 30 शतकों के रिकॉर्ड को तोड़ दिया। कोहली ने 121 रन बनाए। इसके अलावा दिनेश कार्तिक ने 37 तथा भुवनेश्वर कुमार ने 15 गेंदों में 26 रनों की पारी खेली। एमएस धोनी ने धीमी बल्लेबाजी करते हुए 41 गेंद में 25 रन बनाए। न्यूजीलैंड की ओर से ट्रेंट बोल्ट ने 10 ओवर में 35 रन देकर 4 विकेट लिए। टिम साउथी ने 10 ओवर में 73 रन देकर 3 विकेट लिए। मिचेल सैंटनर ने 10 ओवर में 41 रन देकर 1 विकेट लिया।
रोहित शर्मा और शिखर धवन ने टीम इंडिया की पारी की शुरुआत की। शिखर धवन 9 रन बनाकर ट्रेंट बोल्ट की गेंद पर विकेट कीपर टॉम लाथम के हाथों कैच आउट हुए। धवन के आउट होने के बाद रोहित शर्मा भी 20 रनों की संक्षिप्त पारी खेलने के बाद ट्रेंट बोल्ट की गेंद पर बोल्ड हो गए। रोहित ने हालांकि टिम साउथी के ओवर में दो लगातार सिक्स मारे लेकिन जल्दबाजी में शॉट खेलने के चक्कर में वह भी अपना विकेट गंवा बैठे।
शुरुआत में दो विकेट जल्दी गिरने के बाद कप्तान विराट कोहली और केदार जाधव ने भारतीय पारी को थोड़ी देर संभाला। टीम इंडिया का स्कोर दोनों ने 50 रन के पार पहुंचाया लेकिन इसके बाद केदार जाधव 12 रन के निजी स्कोर पर मिचेल सैंटनर को उन्हीं की गेंद पर कैच दे बैठे। जाधव टीम इंडिया के तीसरे विकेट के रूप में आउट हुए। इसके बाद कार्तिक और कोहली ने संभलकर बल्लेबाजी की और स्कोर को आगे बढ़ाया। कार्तिक को 37 रनों के निजी स्कोर पर साउथी की गेंद पर कोलिन मुनरो ने कैच किया। धोनी को बोल्ट की गेंद पर मार्टिन गुप्टिल ने लपका। हार्दिक पांड्या 16 रन बनाकर बोल्ट की गेंद पर केन विलियमसन द्वारा लपके गए। कप्तान विराट कोहली को साउथी की गेंद पर ट्रेंट बोल्ट ने सीमा के पास लपका। कोहली ने 125 गेंद पर 121 रनों की पारी खेली। उन्होंने 9 चौके और 2 छक्के मारे।