अवैध प्रवासियों का पता लगाने के लिए पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के रेलवे सुरक्षा बल (RPF) लगातार अभियान चला रहे हैं। इस महीने आरपीएफ जवान 30 अवैध प्रवासियों को गिरफ्तार कर चुके हैं। वहीं, रेलवे सुरक्षा बलों ने जून के महीने में 62 विदेशी नागरिकों को पकड़ा था। इस बीच अधिकारियों ने शनिवार को कहा कि विदेशी नागरिक अवैध रूप से भारत में प्रवेश कर रहे हैं।
इस मामले में पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के प्रवक्ता सब्यसाची डे ने कहा कि इस क्षेत्र के विभिन्न रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में चलाए गए विभिन्न अभियानों के दौरान सुरक्षा बलों ने कई अवैध प्रवासियों को पकड़ा है।
इस महीने 30 अवैध प्रवासी पकड़े गए
वहीं, इस महीने 11 जुलाई तक आरपीएफ टीमों ने कुमारघाट, अगरतला और जलपाईगुड़ी रेलवे स्टेशनों पर 30 अवैध प्रवासियों को पकड़ा, जिनमें 18 रोहिंग्या और 12 बांग्लादेशी नागरिक शामिल हैं। सब्यसाची डे ने बताया कि पकड़े गए अवैध प्रवासियों को आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए जीआरपी और सीमा सुरक्षा बल (BSF) को सौंप दिया गया।
कुमारघाट रेलवे स्टेशन पर 12 रोहिंग्या धरे
उन्होंने आगे कहा कि 11 जुलाई को हुई एक घटना में धर्मनगर पोस्ट के आरपीएफ ने स्थानीय पुलिस और बीएसएफ कर्मियों की मदद से कुमारघाट रेलवे स्टेशन पर चेकिंग की और 12 रोहिंग्या को पकड़ा। इनमें एक नाबालिग लड़की सहित नौ पुरुष और तीन महिलाएं शामिल हैं। ये सभी अवैध रूप से प्रवेश भारतीय सीमा में प्रवेश कर रहे थे।
आरपीएफ ने तीन बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा
इसी दिन एक सूचना पर कार्रवाई करते हुए आरपीएफ ने जीआरपी के साथ संयुक्त रूप से अगरतला रेलवे स्टेशन पर चेकिंग की और भारतीय क्षेत्र में अवैध रूप से प्रवेश करने वाले लिए तीन बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा, जिसमें एक पुरुष और दो ट्रांसजेंडर शामिल थे।
जलपाईगुड़ी से पकड़ा गया बांग्लादेशी नागरिक
एक अन्य घटना में 10 जुलाई को आरपीएफ ने जलपाईगुड़ी स्टेशन पर ट्रेन संख्या 05750 (हल्दीबाड़ी-न्यू जलपाईगुड़ी पैसेंजर) में चेकिंग के दौरान एक बांग्लादेशी नागरिक को पकड़ा, जो अवैध रूप से भारतीय क्षेत्र में प्रवेश किया था।
छह रोहिंग्या को किया गिरफ्तार
इसके अलावा नौ जुलाई को भी आरपीएफ और जीआरपी ने संयुक्त रूप से रेलवे स्टेशन पर चेकिंग की और छह रोहिंग्या को गिरफ्तार किया, जिसमें एक नाबालिग सहित दो पुरुष और चार महिलाएं शामिल हैं। जानकारी के मुताबिक इन लोगों ने अवैध रूप से भारतीय क्षेत्र में प्रवेश किया था। वहीं, नौ जुलाई को भी इसी तरह के अभियान में आठ बांग्लादेसी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया था।