जेडीयू की फरार एमएलसी मनोरमा देवी के बेटे रॉकी पर छात्र आदित्य सचदेवा की हत्या के मामले में एक और खुलासा हुआ है। जेल पहुंच चुके रॉकी ने जिस हथियार से आदित्य की हत्या की उसका लाइसेंस दिल्ली से लिया गया था।
पुलिस के अनुसार इस लाइसेंस को लेने में भी रॉकी ने झूठ और चालबाजी का सहारा लिया। इंडियन एक्सप्रेस की खबर के अनुसार रॉकी ने हथियार का लाइसेंस लेने के लिए पुलिस के सामने दलील दी थी कि वह झारखंड के नक्सल प्रभावित इलाके का रहने वाला है और उसे उनसे अपनी जान का खतरा है।
दिल्ली पुलिस के लाइसेंस यूनिट के सूत्रों ने बताया कि साल 2013 में लाइसेंस के लिए आवेदन करते समय रॉकी ने लिखित में दिया था कि वह झारखंड के छतरा जिले का रहने वाला है और वह रमैया कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड में एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर है। सूत्र के अनुसार रॉकी ने बताया कि वह नक्सलियों के डर से दिल्ली में रह रहा है, उसे डर है कि वह उस पर हमला कर सकते हैं।