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प्रधानमंत्री मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट पर भी मंदी की मार, जहाज बेचने को मजबूर हुई कंपनी

Wed, 04 Dec 2019 01:38 AM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
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आईलैंड जेड जहाज - फोटो : गुजरात मैरीटाइम बोर्ड
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साल 2017 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात में रोरो फेरी सेवा (रोल ऑफ रोल ऑन) का उद्घाटन करते हुए जिस जहाज 'आईलैंड जेड' से यात्रा की थी, नुकसान होने के चलते उस जहाज को बेचने का फैसला किया गया है। बता दें कि गुजरात का मुख्यमंत्री रहते हुए नरेंद्र मोदी ने 650 करोड़ रुपये की लागत से गुजरात के घोघा-दहेज के बीच रोरो फेरी प्रोजेक्ट की शुरुआत की थी। 

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यह सेवा संचालित करने वाली कंपनी इंडिगो सीवेज ने खराब आर्थिक हालात के चलते पिछले सप्ताह 'आईलैंड जेड' को बिक्री के लिए रख दिया था। बता दें कि, प्रधानमंत्री मोदी ने अक्तूबर 2017 में भावनगर जिले के भरूच में इसी यात्री जहाज आईलैंड जेड से घोघा से दहेज की यात्रा की थी। बता दें कि कंपनी के पास एक और बड़ा जहाज 'वोयाज सिंफनी' भी है, जिसमें यात्रियों के साथ वाहन ले जाने की सुविधा भी है।

वहीं, बंदरगाह संबंधी मामलों से निपटने वाली राज्य-संचालित इकाई गुजरात मैरीटाइम बोर्ड (जीएमबी) ने दहेज टर्मिनल पर अत्यधिक गाद जमा हो जाने के कारण नौका चालन को 23 सितंबर से अनिश्चित समय के लिए स्थगित कर दिया है। जीएमबी के सीईओ मुकेश कुमार का कहना है कि दहेज टर्मिनल पर काम शुरू कर दिया गया है। उन्होंने कहा, उम्मीद है कि दिसंबर के अंत तक हम नौका चालन के लिए आवश्यक गहराई उपलब्ध करा देंगे।
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कंपनी के एमडी और सीईओ चेतन कॉन्ट्रैक्टर ने कहा, 'हमें नहीं मालूम है कि दहेज टर्मिनल पर स्थितियां कब सामान्य हो पाएंगी और हम सेवाएं कब से शुरू कर पाएंगे। हमें हर महीने करीब 40 लाख रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है। हमारे लिए बैंक को किस्तें देना मुश्किल हो रहा है, क्योंकि दोनों जहाज लोन पर खरीदे गए थे और सितंबर से कोई आय नहीं हुई है।'

कंपनी का कहना है कि सामान्य तौर पर पर जहाज को पानी में पांच मीटर की गहराई चाहिए, जबकि घोघा के समुद्र किनारे की गहराई अब सिर्फ आधे मीटर की रह गई है। कॉन्ट्रैक्टर का कहना है कि आने वाले समय में अगर मौका संचालन के लिए पांच मीटर की आवश्यक गहराई अगर नहीं मिलती है तो हम इस व्यवसाय से बाहर निकलने के बारे में सोच सकते हैं।

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