भारतीय जनता पार्टी और जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) से गठबंधन की कसरत के बीच राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) ने अकेला चलो के रास्ते पर भी कदम तेज कर दिए हैं। पार्टी नेतृत्व ने यूपी के छोटे-छोटे दलों को साथ मिलाने का प्लान तैयार किया है। बुधवार को गोरखपुर से इसकी शुरूआत की जा रही है।
यूपी में सपा को सत्ता से बेदखल करने, बसपा और भाजपा को सरकार बनाने से रोकने के लिए रालोद मुखिया अजित सिंह और जेडीयू नेता नीतीश कुमार की दोनों दलों को मिलाने को मुहिम धराशाही हो गई। भाजपा से अजित सिंह की दोस्ती अभी अधर में लटकी है। इस सियासी उहापोह के बीच रालोद ने फिलहाल अकेला चलो और ताकत बढ़ाने की तरफ कदम बढ़ाया है।
रालोद का ये कदम भाजपा और जेडीयू पर दबाव बनाने की कोशिश माना जा रहा है। रालोद ने इसके लिए यूपी के छोटे छोटे दलों को साथ जोड़ने की मुहिम छेड़ी है। बुधवार को गोरखपुर में रालोद नेता जयंत चौधरी एक सभा कर रहे हैं। इस सभा में पूर्वांचल बनाओ दल के नेता डाक्टर सुधाकर पांडे अपने संगठन का विलय रालोद में करेंगे। 12 मई को कुशीनगर में कुनबा बढ़ाओ अभियान के तहत कई जनाधार वाले नेताओं को जयंत चौधरी एक सम्मेलन कर रालोद में शामिल करेंगे। रालोद के राष्ट्रीय महासचिव त्रिलोक त्यागी ने विलय की पुष्टि की है। त्यागी विलय कार्यक्रम में शमिल भी होंगे।