भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) अध्यक्ष शशांक मनोहर ने सुप्रीम कोर्ट की ओर से गठित जस्टिस आरएम लोढ़ा कमेटी की सिफारशें लागू होने से पहले ही अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। यही नहीं उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) और एशियाई क्रिकेट परिषद में खुद के बीसीसीआई प्रतिनिधि होने से भी इस्तीफा दे दिया है।
मनोहर ने मंगलवार को अपना इस्तीफा बोर्ड सचिव अनुराग ठाकुर को भेजा। इसके साथ ही बोर्ड में एक बार फिर सात माह पहले वाली स्थिति आ खड़ी हुई है। सात माह पहले ही पूर्व क्षेत्र के प्रतिनिधि के तौर पर सर्वसम्मति से मनोहर को नया बोर्ड अध्यक्ष चुना गया था।
बीसीसीआई संविधान के अनुसार, अध्यक्ष के पद छोड़ने की स्थिति में सचिव (अनुराग ठाकुर) को दो हफ्ते के अंदर स्पेशल जनरल बॉडी की बैठक आयोजित करनी होती है। नई स्थितियों से निपटने के लिए बीसीसीआई की ओर से 15 दिनों के अंदर विशेष कार्यकारिणी की बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें नए अध्यक्ष पर चर्चा होगी।
यह कुछ सप्ताह पहले ही साफ हो गया था कि शशांक मनोहर बोर्ड अध्यक्ष पद छोड़ सकते हैं। फिलहाल वह आईसीसी के चेयरमैन भी हैं, लेकिन उनका कार्यकाल 16 जून को समाप्त हो रहा है। माना यह जा रहा है कि मनोहर नए संविधान के मुताबिक आईसीसी पहले स्वतंत्र चेयरमैन पद की दौड़ में शामिल होने जा रहे हैं।
आईसीसी ने फरवरी में घोषणा की थी कि नया चेयरमैन पूरी तरह से स्वतंत्र होगा और कोई भी एक साथ दो पदों पर नहीं रह सकेगा। मनोहर और उनसे पहले श्रीनिवासन एक समय में दोहरे पद पर कार्यरत रहे। दोनों ही बीसीसीआई अध्यक्ष के साथ-साथ आईसीसी के चेयरमैन पद पर रहे।
आईसीसी के नए संविधान के मुताबिक अगला चेयरमैन किसी भी सदस्य देश का प्रतिनिधि नहीं होगा, साथ ही उसका आईसीसी में पहले काम करना भी अनिवार्य होगा। मनोहर इस वर्ष होने वाले इस पद के चुनाव में खड़े हो सकते हैं।
पेशे से वकील रहे मनोहर पिछले साल अक्टूबर में दूसरी बार बीसीसीआई के अध्यक्ष चुने गए थे। वह जगमोहन डालमिया के निधन के बाद क्रिकेट बोर्ड के मुखिया बने थे।