पश्चिम बंगाल में प्रशिक्षु महिला डॉक्टर की दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले को एक महीना से अधिक समय बीत चुका है। देशभर में अभी भी नाराजगी है। डॉक्टर लगातार विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं, इस मामले में सीबीआई लगातार सख्ती बरत रही है। वह सच्चाई सामने लाने की पुरजोर कोशिश कर रही है। इस मामले में दो और डॉक्टर सीबीआई की जांच के घेरे में आ गए हैं। आज लगातार दूसरे दिन डॉ. बिरुपाक्ष बिस्वास से पूछताछ की जाएगी। बिस्वास सीबीआई की विशेष अपराध शाखा के कार्यालय पहुंच चुके हैं। वहीं, सीबीआई ने ताला पुलिस स्टेशन के एक सब-इंस्पेक्टर को भी तलब किया है।
अलग-अलग हुई थी पूछताछ
अधिकारी ने शनिवार को बताया था, 'आज सुबह पूछताछ शुरू हुई। आरजी कर अस्पताल मामले के संबंध में प्रत्येक डॉक्टर से अलग-अलग पूछताछ की गई। दोनों से नौ अगस्त को अस्पताल में उनकी उपस्थिति के बारे में भी पूछताछ की गई, जबकि उनका कोई आधिकारिक कार्यक्रम नहीं था, साथ ही अन्य सवाल भी पूछे गए।'
कथित तौर पर छात्रों को धमकाया
बिस्वास को हाल ही में पश्चिम बंगाल स्वास्थ्य विभाग ने बर्दवान मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल से दक्षिण 24 परगना जिले के सुदूर काकद्वीप अस्पताल में स्थानांतरित किया था। सीबीआई अधिकारी ने बताया था कि बिस्वास कथित तौर पर मेडिकल कॉलेजों में सक्रिय ‘उत्तर बंगाल लॉबी’ का हिस्सा हैं और उन्हें नौ अगस्त को आरजी कर अस्पताल में देखा गया था। उसी दिन महिला प्रशिक्षु चिकित्सक का शव अस्पताल के सेमिनार हॉल में मिला था। बता दें, पश्चिम बंगाल के चिकित्सक सरकारी चिकित्सा प्रतिष्ठानों में तैनात चिकित्सकों और अधिकारियों के एक समूह को ‘उत्तर बंगाल लॉबी’ कह रहे हैं जिन्होंने कथित तौर पर छात्रों को धमकाया था।
बिस्वास और दो अन्य चिकित्सकों अविक डे एवं रंजीत साहा के खिलाफ पश्चिम बंगाल के विभिन्न मेडिकल कॉलेज एवं अस्पतालों में छात्रों को कथित रूप से धमकाने के आरोप में बहुबाजार पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है।