भाजपा का ममता सरकार पर हमला, कांग्रेस का प्रदर्शन
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आरजी कर केस में पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार को घेरते हुए भाजपा सांसद संबित पात्रा ने कहा, पीड़िता के पिता ने आज देश के सामने जो सवाल रखे हैं, वे सबसे महत्वपूर्ण हैं, पीड़िता के पिता का कहना है कि जब पीड़िता का शव उनके घर में था, तब डीसी नॉर्थ ने उन्हें पैसे ऑफर किए थे। उन्होंने ऑफर ठुकरा दिया, एक प्रशासक ने उन्हें पैसे ऑफर करने की कोशिश की। जब कोई व्यक्ति कुछ छिपाने की कोशिश करता है तो वह भ्रष्ट हो जाता है, ऐसा क्या छुपाना था कि ममता बनर्जी की सरकार ने डीसी को भेजकर पीड़िता के पिता को पैसे ऑफर किए? ऐसा क्या था जिसे प्रशासन छुपाने की कोशिश कर रहा था?
भाजपा ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया और उनसे तत्काल पद छोड़ने की मांग की। भाजपा ने कहा कि जब तक वह मुख्यमंत्री रहेंगी, कोलकाता डॉक्टर से बलात्कार और हत्या मामले की निष्पक्ष जांच संभव नहीं है। दिल्ली में भाजपा मुख्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और लोकसभा सांसद संबित पात्रा ने कहा कि पीड़िता के पिता ने सर्वोपरि महत्व" के कई सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा प्रशासन पीड़ित के माता-पिता को रिश्वत देकर क्या छुपाना चाहता था?। संबित पात्रा ने आगे कहा, जब तक पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री और कोलकाता पुलिस आयुक्त विनीत गोयल अपने पदों पर बने रहेंगे, तब तक मामले की निष्पक्ष जांच संभव नहीं है... इसलिए, भाजपा उन दोनों से मांग करती है - निष्पक्ष सुनवाई और पीड़ित को न्याय दिलाने के लिए अपने पदों से इस्तीफा दें।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं पुलिस ने हिरासत में लिया
कोलकाता पुलिस ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल दुष्कर्म-हत्या मामले के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया है।
राजाबाजार साइंस कॉलेज के छात्रों का प्रदर्शन
कोलकाता में राजाबाजार साइंस कॉलेज के छात्रों ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में दुष्कर्म और हत्या की शिकार हुई महिला डॉक्टर के लिए न्याय की मांग की।
आरजी कर केस के खिलाफ माकपा की का धरना-प्रदर्शन
माकपा की युवा, छात्र और महिला शाखाओं ने शुक्रवार को हावड़ा में धरना दिया, हालांकि इस दौरान पुलिस ने स्वास्थ्य विभाग के कार्यालय तक जाने वाले उनके जुलूस को रोक दिया। इस दौरान माकपा प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर सरकारी अस्पताल में दुष्कर्म और हत्या की शिकार हुई महिला डॉक्टर के लिए न्याय की मांग की। डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (डीवाईएफआई), स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) और ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक विमेंस एसोसिएशन के सदस्यों ने जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओएच) के कार्यालय तक मार्च शुरू किया, लेकिन उन्हें बीच में ही रोक दिया गया। हावड़ा शहर की पुलिस ने जुलूस को रोकने के लिए बैरिकेड्स लगा दिए, जिसके बाद सुरक्षाकर्मियों के साथ मामूली झड़प के बाद प्रदर्शनकारी बैरियर के सामने बैठ गए।