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RG Kar Case: ममता के PM मोदी को पत्र लिखने पर भाजपा का तीखा वार, कहा- चिट्ठी ने उनकी बेईमानी को उजागर कर दिया

Sat, 31 Aug 2024 01:32 PM IST
श्वेता महतो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता

सार

भाजपा नेता सीआर केसवन ने ममता पर इस मामले को देर से सीबीआई को सौंपने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जो मुख्यमंत्री इस मामले को एक हफ्ते के भीतर सीबीआई को सौंप सकती थी, इस मामले में न्याय दिलाने में निर्णायक साबित हो सकती थी। वह अब निर्धारित समय सीमा में मामले को निपटाने की बात कर रही हैं।
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सीआर केसवन - फोटो : ANI
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विस्तार
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पश्चिम बंगाल में कोलकाता के मेडिकल कॉलेज-अस्पताल में एक प्रशिक्षु महिला से दुष्कर्म और हत्या के मामले में भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सीआर केसवन ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधा। उन्होंने ममती बनर्जी को याद दिलाया कि महिलाओं के खिलाफ अपराध को लेकर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) में कठोर सजा के प्रावधान हैं। भाजपा नेता की यह प्रतिक्रिया सीएम ममता के प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिखने के बाद आई। शुक्रवार को ममता बनर्जी ने चिट्ठी में दुष्कर्म और हत्या जैसे जघन्य मामलों पर सख्त कानून और सजा के लिए अपना अनुरोध दोहराया। 
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भाजपा नेता सीआर केसवन ने एक वीडियो मैसेज में कहा, "ममता बनर्जी की चिट्टी ने उनकी बेईमानी को पूरी तरह से उजागर कर दिया। इसके साथ ही महिलाओं की सुरक्षा के लिए केंद्र सरकार द्वारा प्रदान किए गए मजबूत कानूनी नेटवर्क को लागू करने में उनकी विफलता को भी उजागर कर दिया।"

बता दें कि नौ अगस्त को कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज-अस्पताल में एक प्रशिक्षु महिला डॉक्टर से दुष्कर्म और हत्या के मामले में राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी है। 
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भाजपा नेता ने आगे कहा, "पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी कड़े केंद्रीय कानून की बात करती है। वह किसे धोखा देने की कोशिश कर रही हैं? बीएनएस सबसे व्यापक केंद्रीय कानूनों में से एक है। इसमें ऐसे प्रावधान है, जो महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध करने वालों को सख्त से सख्त सजा देते हैं। ममता बनर्जी कहती हैं कि देश में कोई केंद्रीय कानून नहीं है। वह आवश्यकता पर बात करती हैं।"

सीएम ममता पर मामले को सीबीआई को देर से सौंपने का आरोप
इसके साथ ही केसवन ने ममता पर इस मामले को देर से सीबीआई को सौंपने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "जो मुख्यमंत्री इस मामले को एक हफ्ते के भीतर सीबीआई को सौंप सकती थी, इस मामले में न्याय दिलाने में निर्णायक साबित हो सकती थी। वह अब निर्धारित समय सीमा में मामले को निपटाने की बात कर रही हैं।" बता दें कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद इस मामले को स्थानीय पुलिस से लेकर सीबीआई को सौंप दिया गया था। सीबीआई फिलहाल मामले की जांच कर रही है।

क्या है पूरा मामला?
कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज-अस्पताल में जूनियर डॉक्टर के साथ दरिंदगी की घटना गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात की है। मृतक मेडिकल कॉलेज में चेस्ट मेडिसिन विभाग की स्नातकोत्तर द्वितीय वर्ष की छात्रा और प्रशिक्षु डॉक्टर थीं। गुरुवार को अपनी ड्यूटी पूरी करने के बाद रात के 12 बजे उसने अपने दोस्तों के साथ डिनर किया। इसके बाद से महिला डॉक्टर का कोई पता नहीं चला। शुक्रवार सुबह उस वक्त मेडिकल कॉलेज में हड़कंप मच गया जब चौथी मंजिल के सेमिनार हॉल से अर्ध नग्न अवस्था में डॉक्टर का शव बरामद हुआ। घटनास्थल से मृतक का मोबाइल फोन और लैपटॉप बरामद किया गया। पोस्टमॉर्टम की शुरुआती रिपोर्ट से पता चला है कि महिला डॉक्टर के साथ दुष्कर्म की घटना हुई थी। जूनियर महिला डॉक्टर का शव गद्दे पर पड़ा हुआ था और गद्दे पर खून के धब्बे मिले। शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बताया गया है कि मृतक महिला डॉक्टर के मुंह और दोनों आंखों पर था। गुप्तांगों पर खून के निशान और चेहरे पर नाखून के निशान पाए गए। होठ, गर्दन, पेट, बाएं टखने और दाहिने हाथ की उंगली पर चोट के निशान थे।
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