देेशभर में इंजीनियरिंग समेत उच्च शिक्षण संस्थानों में जुलाई सत्र में दाखिला लेने वाले छात्र यदि सत्र के बीच में पढ़ाई छोड़ देते हैं या फिर किसी कारण से दाखिला नहीं ले पाते हैं तो संस्थान को उनकी फीस व सर्टिफिकेट सात दिन के भीतर वापस करने होंगे। यदि कोई संस्थान नियम का पालन नहीं करता है तो उसकी मान्यता तक रद हो सकती है।
अभिभावकों की शिकायत और मानव संसाधन विकास मंत्रालय के दखल पर ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (एआईसीटीई) ने देशभर के इंजीनियरिंग संस्थानों को यह निर्देश दिया है। हालांकि संस्थान कुल फीस में से प्रोसेसिंग फीस के साथ हॉस्टल शुल्क वसूल सकता है।
सूत्रों के मुताबिक, देशभर से अभिभावकों और छात्रों ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय को शिकायत दी थी कि दाखिले के बाद यदि उन्हें सीट छोड़नी होती है या फिर किसी कारणवश वे सत्र के बीच में पढ़ाई छोड़ते हैं तो फिर इंजीनियरिंग संस्थान उनकी फीस और सर्टिफिकेट रख लेते हैं। इसके चलते उन्हें आर्थिक नुकसान के साथ-साथ अन्य जगह दाखिला लेने में भी दिक्कत होती है, क्योंकि उक्त संस्थान उनके मूल सर्टिफिकेट रख लेते हैं। अभिभावकों की इस शिकायत के बाद मंत्रालय ने एआईसीटीई को इस संबंध में इंजीनियरिंग संस्थानों को उचित दिशानिर्देेश जारी करने को कहा।