केंद्र सरकार के कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) और केंद्रीय अर्ध-सैनिक बल (सीपीएमएफ) के सेवानिवृत कर्मियों एवं उनके आश्रितों को कंपनी एक्ट 2013 में शामिल किया गया है।
बता दें कि मल्टी नेशनल कंपनी या बड़े उद्योगपति, जिनकी वार्षिक आय एक हजार करोड़ रुपये हो, सालाना लाभ पांच करोड़ रुपये हो या सालाना नेटवर्थ पांच सौ करोड़ रुपये का है तो उन्हें कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी के तहत कुछ राशि सामाजिक कार्यों पर खर्च करनी पड़ती है।
सामान्य तौर पर यह खर्च तीन साल के औसत लाभ का कम से कम दो फीसदी होना चाहिए। कंपनियों के लिए कुछ क्षेत्र तय किए जाते हैं, जिनमें वे कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी के जरिए वित्तीय मदद देते हैं।
इन कार्यों में शिक्षा, स्वास्थ्य, गरीबी, भूख, कुपोषण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सुधारना, पर्यावरण को स्वच्छ बनाए रखने के लिए कार्य, खेल गतिविधियों को बढ़ाना, राष्ट्रीय विरासत का संरक्षण और प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष में योगदान देना आदि शामिल है।
अब इस सूची में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) और केंद्रीय अर्ध-सैनिक बल (सीपीएमएफ) के सेवानिवृत कर्मियों एवं उनके आश्रितों को शामिल किया गया है।
कंपनी मामलों के मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार 2015-16 में विभिन्न कंपनियों ने सीएसआर गतिविधियों पर 9822 करोड़ रुपये खर्च किए थे। इसमें 5097 कंपनियां शामिल थीं।
स्वास्थ्य एवं चिकित्सा कार्यों पर 3117 करोड़ रुपये, शिक्षा पर 3073 करोड़ रुपये, पर्यावरण को लेकर 923 करोड़ रुपये, स्वच्छ भारत कोष के लिए 355 करोड़ रुपये की वित्तीय मदद दी गई थी।