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विश्वनाथ ने याद किया 37 साल पुराना किस्सा, जब कपिल की कप्तानी से पहले ही खत्म हुआ करियर

Sat, 27 Jun 2020 07:55 PM IST
अंशुल तलमले स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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गुंडप्पा विश्वनाथ - फोटो : ट्विटर
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अपने दौर के धाकड़ बल्लेबाज गुंडप्पा विश्वनाथ ने शनिवार को कहा कि पाकिस्तान में 1982-83 में टेस्ट श्रृंखला में खराब प्रदर्शन के बाद करियर खत्म होने से वह बहुत आहत थे। 70 के दशक में सुनील गावस्कर के साथ भारतीय बल्लेबाजी की रीढ रहे विश्वनाथ ने उस दौर में सर्वश्रेष्ठ तेज आक्रमण के सामने बेहतरीन पारियां खेली।

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पाकिस्तान के खिलाफ छह टेस्ट मैचों की श्रृंखला में खराब प्रदर्शन के बाद हालांकि उन्हें वेस्टइंडीज दौरे के लिए नहीं चुना गया और वह 1983 विश्व कप टीम का भी हिस्सा नहीं थे। कपिल की कप्तानी का एलान नहीं हुआ था, लेकिन सभी को पता था।'

उन्होंने स्टार स्पोटर्स के कन्नड़ शो 'दिग्गाजारा दंतकथे' में कहा, 'मुझे बाहर किया गया तो मैं बहुत दुखी था। उस समय तीनों पारियों में मैने खराब फैसले लिए। यह खेल का हिस्सा है, लेकिन उन हालात में दो पारियों में मैं अच्छा खेलता तो मुझे निकाला नहीं जाता।' 
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कर्नाटक के लिए ईरापल्ली प्रसन्ना और भारत के लिये मंसूर अली खान पटौदी की कप्तानी में चमके विश्वनाथ ने कहा, 'प्रसन्ना ने शुरू में मेरी हौसलाअफजाई की। पटौदी हैदराबाद के लिए रणजी ट्राफी खेल रहे थे। मैं उनके खिलाफ खेल रहा था और तब उन्होंने मुझे करीब से खेलते देखा।' 

उन्होंने कहा, 'न्यूजीलैंड के खिलाफ 1968 में मुझे अध्यक्ष एकादश के लिए खेलने का मौका मिला। चंदू बोर्डे कप्तान थे और उन्होंने पटौदी से मेरे नाम की सिफारिश की।'

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