डीजीपी (सेवानिवृत्त) पकंज कुमार सिंह
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सेवानिवृत्त बीएसएफ डीजी पंकज कुमार सिंह उप-राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नियुक्त किए गए हैं। सरकार ने इसे जुड़ा आदेश जारी कर दिया है।
एक आधिकारिक आदेश के अनुसार, राजस्थान कैडर के 1988 बैच के आईपीएस अधिकारी सिंह को दो साल की अवधि के लिए पुनर्नियोजन अनुबंध पर नियुक्त किया गया है। सिंह 31 दिसंबर 2022 को बीएसएफ प्रमुख के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। जब सिंह ने 31 अगस्त 2021 को बीएसएफ की कमान संभाली थी, तो उन्होंने अपनी सेवाओं के दौरान एक बेटे और एक पिता के अर्धसैनिक बल के शीर्ष पद पर आसीन होने का इतिहास रचा था।
उनके पिता और 1959 बैच के सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी प्रकाश सिंह ने भी जून 1993 से जनवरी 1994 तक बीएसएफ का नेतृत्व किया था। प्रकाश सिंह को देश में पुलिस सुधारों का सूत्रधार माना जाता है। उन्होंने 1996 में पुलिस प्रतिष्ठान में सुधार के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसके बाद सरकार ने इंटेलिजेंस ब्यूरो के प्रमुख, सीबीआई, विदेश सचिव, रॉ प्रमुख और केंद्रीय गृह सचिव को कम से कम दो साल का निश्चित कार्यकाल देना शुरू किया।
नेतृत्व की भावना पैदा करने में एनसीसी का योगदान अनुकरणीय: सीडीएस
प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने मंगलवार को एनसीसी गणतंत्र दिवस शिविर का दौरा किया और कहा कि युवाओं में अनुशासन तथा नेतृत्व की भावना पैदा करने में एनसीसी का योगदान अनुकरणीय है। यह पहली बार है जब किसी सीडीएस ने राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) के गणतंत्र दिवस शिविर का दौरा किया है। उन्होंने कहा कि एनसीसी अपने आदर्श वाक्य ‘एकता और अनुशासन’ के अनुरूप 17 लाख कैडेट के एक स्वयंसेवी संगठन के रूप में विकसित हुआ है।
उन्होंने कहा कि इस देश के युवाओं में अनुशासन, नेतृत्व और भाईचारे के गुण पैदा करने में इसका योगदान अनुकरणीय है। सामाजिक जागरूकता गतिविधियों में एनसीसी के योगदान को रेखांकित करते हुए जनरल चौहान ने कहा कि पुनीत सागर अभियान के तहत देश भर के विभिन्न जलाशयों से एनसीसी कैडेट ने 200 टन से अधिक प्लास्टिक कचरा एकत्र किया है।