इस बार गणतंत्र दिवस के परेड में फ्लाईपास्ट में हिस्सा लेकर दो महिला पायलटों ने इतिहास रच दिया है। 29 साल की फ्लाइट लेफ्टिनेंट भावना कांत पहली महिला पायलट बनी हैं, जिन्होंने गणतंत्र दिवस की परेड में हिस्सा लिया। भावना वायुसेना की झांकी का हिस्सा बनीं।
इस झांकी में लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट, लाइट कॉम्बैट हेलिकॉप्टर और सुखोई-30 एयरक्राफ्ट शामिल किया गया था। जबकि फ्लाइट लेफ्टिनेंट स्वाति राठौड़ पहली महिला बनीं, जिन्होंने राजपथ के ऊपर हुए फ्लाईपास्ट में हिस्सा लिया। स्वाति राठौड़ ने एमआई-17 वी5 हेलिकॉप्टर को उड़ाया।
मौजूदा समय में फ्लाइट लेफ्टिनेंट भावना कांत राजस्थान के एयरबेस में तैनात हैं और वो मिग-21 बाइसन फाइटर जेट को उड़ाती हैं। यह वही विमान है, जिसे विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान ने इस्तेमाल कर पाकिस्तान के एफ-16 को उड़ाया था। साल 2016 में अवनी चतुर्वेदी और मोहाना सिंह के साथ भावना कांत पहली महिला फाइटर पायलट बनी थीं और नवंबर 2017 में भावना ने फाइटर स्क्वाड्रन ज्वाइन किया।
मई 2019 में भावना कांत कॉम्बैक्ट मिशन क्वालीफाई करने वाली पहली महिला पायलट बनीं। भावना कांत ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा था कि वो बचपन से टीवी पर गणतंत्र दिवस की परेड देख रही है, इस परेड में हिस्सा लेना उनके लिए गर्व की बात है।भावना कांत ने बताया कि अभी वो मिग-21 बाइसन फाइटर जेट उड़ाती हैं लेकिन उनकी इच्छा सुखोई और राफेल जेट विमान उड़ाने की भी है।
नौ मार्च 2020 को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने फ्लाइट लेफ्टिनेंट भावना कांत को नारी शक्ति से सम्मानित किया था। इसी तरह स्वाति राठौड़ ने भी छोटी उम्र में ही एनसीसी एयर विंग ज्वाइन कर लिया था। इस दौरान स्वाति राठौड़ को गोल्ड मेडल भी मिला था।
2013 में स्वाति ने भारतीय वायुसेना के कॉमन एडमिशन टेस्ट के लिए अप्लाई किया। टेस्ट पास करने के बाद उन्हें इंटरव्यू के लिए बुलाया गया। इंटरव्यू के लिए देश भर से 200 महिलाएं आई थीं, जिनमें से 98 महिलाओं को स्क्रीनिंग के लिए चुना गया था। स्क्रीनिंग के बाद पांच छात्राओं को चुना है, जिनमें से एक स्वाति राठौड़ भी थीं।