फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और पीएम मोदी
- फोटो : Amar Ujala
देश इस बार अपना 75वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। 26 जनवरी वह दिन है जब देश ने संविधान को अपनाया था। हर बार की तरह ही इस बार के समारोह के लिए खास तैयारियां की गई थीं। इस समारोह के मुख्य अतिथि फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों हैं।
इससे पहले 25 जनवरी को मैक्रों जयपुर पहुंचे जहां उनका भव्य स्वागत हुआ। इस बीच गणतंत्र दिवस समारोह से फ्रांस के राष्ट्रपति और पीएम मोदी की जुगलबंदी की खास तस्वीरें सामने आई हैं।
आइए नजर डालते हैं...
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और पीएम मोदी
- फोटो : PTI
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और राजनाथ सिंह ने युद्ध स्मारक पर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों भी मौजूद रहे।
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और पीएम मोदी
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परेड में हिस्सा लेने के लिए इमैनुएल मैक्रों के साथ फ्रांस की 95 सदस्यीय मार्चिंग टीम और 33 सदस्यीय बैंड दल भी भारत आया।
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और पीएम मोदी
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गणतंत्र दिवस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रेंच राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों एक साथ दिखे। इस दौरान इमैनुएल मैक्रों ने पीएम मोदी से हाथ मिलाया।
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और पीएम मोदी
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गणतंत्र दिवस समारोह में देश के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ भी मौजूद रहे। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भारतीय परंपरा में हाथ जोड़कर जगदीप धनखड़ का स्वागत किया।
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और पीएम मोदी
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दिल्ली में गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान पीएम मोदी फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों का स्वागत करते दिखे। वहीं मैक्रों ने भी हाथ जोड़कर पीएम मोदी का अभिनंदन किया।
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और पीएम मोदी
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75वें गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि फ्रेंच राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और पीएम मोदी की एक बेहद खास तस्वीर सामने आई। इसमें मैक्रों और पीएम मोदी गले लगकर मिलते दिखाई दिए।
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और पीएम मोदी
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22 दिसंबर 2023 को घोषणा की गई थी कि फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि होंगे। उन्हें हाल ही में न्योता मिला था क्योंकि पहले अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन को आमंत्रण देने की खबर थी लेकिन बाइडन वार्षिक स्टेट ऑफ द यूनियन कार्यक्रम के कारण नहीं आ सके। अंतिम समय के अनुरोध के बावजूद फ्रांसीसी राष्ट्रपति भारत आए जो यह दिखाता है कि फ्रांस हमारा एक सदाबहार मित्र है।