नागालैंड में सबसे कम आत्महत्या होती हैं तो कर्नाटक में सबसे ज्यादा..
रिपोर्ट के मुताबिक, कर्नाटक में एक लाख लोगों पर आत्महत्या करने वालों का आंकडा 30.7 है। तमिलनाडू में 29.8, त्रिपुरा 30.3, केरल 21.0, तेलंगाना 22.4, आंध्रप्रदेश 25.0, पश्चिम बंगाल 23.6, हरियाणा 15.6, गुजरात 16.7, महाराष्ट्र 18.7, मध्यप्रदेश 17.6, दिल्ली 7.5, छत्तीसगढ़ 19.9, असम 16.3, अरुणाचल प्रदेश 15.6, गोवा 11.4, राजस्थान 12.0, हिमाचल प्रदेश 12.8, उत्तराखंड 12.7, यूपी 14.8, सिक्किम 12.0, ओडिसा 15.0, मणिपुर 13.0, जेएंडके 8.8, पंजाब 9.5, बिहार 7.4, झारखंड 9.0, मेघालय 8.0, मिजोरम 6.6 और नागालैंड में 4.0 है।
दो अक्तूबर को शुरू होगी योजना, नमक मुटृठी से चुटकी तक..
केंद्र सरकार आईएसएमआर व स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम कर रही दूसरी संस्थाओं की मदद से दो अक्तूबर को महात्मा गांधी की जयंती पर नमक मुटृठी से चुटकी तक, योजना शुरू करने जा रही है। आईसीएमआर के डीजी बलराम भार्गव का कहना है कि देश में नमक का सेवन तय मात्रा से अधिक करने की वजह से बीमारियां बढ़ रही हैं। चूंकि गांधी जी ने नमक सत्याग्रह के ज़रिए एक बड़े आंदोलन की नीव रखी थी, इसलिए उनके जन्मदिन पर हम नमक, मुट्ठी से चुटकी तक.. योजना शुरू करने जा रहे हैं। इसमें लोगों को बताया जाएगा कि ज़्यादा नमक किस तरह से उनके स्वास्थ्य पर बुरा असर डालता है। एक स्वस्थ व्यक्ति को रोज़ाना पांच ग्राम नमक ही खाना चाहिए।