फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राहत: अब दिल्ली में भी आयुष्मान योजना का रास्ता साफ, यूपी और मध्य प्रदेश जैसे 12 राज्यों को भी फायदा

Sun, 09 Feb 2025 06:41 AM IST
दीपक कुमार शर्मा परीक्षित निर्भय, अमर उजाला

सार

वर्ष-2018 से लागू प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएमजेएवाई) के तहत देश के 34 राज्यों में 36.65 करोड़ से ज्यादा लोगों को ई-कार्ड जारी हुए हैं। यह सिलसिला जारी है। योजना के तहत देश के 60 करोड़ से ज्यादा लोगों को लाभार्थी सूची में शामिल करना है।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सत्ता परिवर्तन के बाद दिल्ली में आयुष्मान भारत योजना का रास्ता साफ हुआ। इसका फायदा उत्तर प्रदेश, हरियाणा, उत्तराखंड, राजस्थान और मध्य प्रदेश सहित एक दर्जन से ज्यादा राज्यों के आयुष्मान भारत लाभार्थियों को भी मिलेगा, जिन्हें अभी तक दिल्ली के खासतौर पर प्राइवेट अस्पतालों में निशुल्क इलाज की सुविधा नहीं है।

विज्ञापन


अगले कुछ माह में योजना के लाभार्थियों की सूची में इकलौते पश्चिम बंगाल के लोग योजना के लाभ से वंचित रहेंगे। वर्ष-2018 से लागू प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएमजेएवाई) के तहत देश के 34 राज्यों में 36.65 करोड़ से ज्यादा लोगों को ई-कार्ड जारी हुए हैं। यह सिलसिला जारी है। योजना के तहत देश के 60 करोड़ से ज्यादा लोगों को लाभार्थी सूची में शामिल करना है। कुल 36.65 में से 8.59 करोड़ लाभार्थी अब तक निशुल्क उपचार का लाभ ले चुके हैं। इसके लिए सरकार ने करीब 1.20 लाख करोड़ रुपये खर्च किए। सत्ता परिवर्तन के बाद ओडिशा योजना का 34वां लाभार्थी राज्य बना। सूची में दिल्ली का स्थान 35वां होगा। स्वस्थ भारत के अध्यक्ष आशुतोष सिंह बताते हैं, सरकार चाहे किसी भी राजनीतिक दल की हो, जनहित योजनाओं का लाभ हर किसी को मिलना चाहिए। अभी तक दिल्ली ऐसी कई योजनाओं से वंचित रही है, जिसका लाभ यहां के लोगों को मिलना था। मौजूदा समय में ईडब्ल्यूएस यानी आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को छोड़कर अन्य किसी भी योजना में प्राइवेट अस्पताल में निशुल्क उपचार सुविधा नहीं है। इसका लाभ भी उस तरह नहीं मिल रहा, जिस तरह सरकार को देना चाहिए जबकि 2007 में दिल्ली हाईकोर्ट का स्पष्ट आदेश भी है।

अभी दिल्ली में गरीबों के इलाज की स्थिति
दिल्ली में करीब 66 बड़े अस्पतालों में मरीजों को उपचार मिल रहा है, जिनमें दिल्ली सरकार के 30 और पांच अस्पताल केंद्र सरकार के अधीन हैं। दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में इलाज मुफ्त है, लेकिन छह प्राइवेट अस्पताल सर गंगा राम, वीरांवाली अंतरराष्ट्रीय अस्पताल (दिल्ली अस्पताल सोसायटी), डॉ. विद्या सागर कौशल्या देवी मेमोरियल ट्रस्ट (विमहांस), मूलचंद खैराती राम अस्पताल, सेंट स्टीफंस अस्पताल और आरबी सेठ जेसा राम अस्पताल (विस्तार के लिए अतिरिक्त भूमि पट्टी के साथ) के पास डीडीए से रियायती दरों पर प्राप्त भूमि है। इस तरह दिल्ली के सभी 11 जिलों में कुल 58 बड़े प्राइवेट अस्पताल हैं, जो आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) श्रेणी के पात्र मरीजों को मुफ्त इलाज देने के लिए बाध्य हैं।
विज्ञापन


दिल्ली एम्स की रिपोर्ट, इन राज्यों को होगा फायदा
नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की रिपोर्ट बताती है कि आयुष्मान भारत योजना लागू होने के बाद दिल्ली के साथ करीब एक दर्जन से ज्यादा राज्यों के लाभार्थियों को फायदा होगा। रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली के अलावा सबसे ज्यादा मरीज उत्तर प्रदेश, हरियाणा और बिहार से यहां इलाज के लिए आ रहे हैं। वहीं, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, राजस्थान, झारखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और असम से भी मरीज दिल्ली आ रहे हैं। अभी दिल्ली में एम्स के अलावा सफदरजंग अस्पताल, डॉ. राम मनोहर लोहिया और लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज सहित केंद्र सरकार के अधीन अस्पतालों में आयुष्मान के लाभार्थियों को उपचार मिल रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें