रिलायंस के पास दुनिया की सबसे बड़ी सिंगल साइट तेल रिफाइनिंग कॉम्पलेक्स का स्वामित्व है और उसके कई पेट्रोकेमिकल प्लांट हैं। तीन साल पहले उसने दूरसंचार कारोबार में कदम रखा था और इस बाजार से होने वाले राजस्व में आज उसकी 34 फीसदी हिस्सेदारी है। बर्न्सटाइन ने कहा, ‘बाजार हिस्सेदारी में बढ़ोतरी की गति से अगले वित्त वर्ष तक यह आंकड़ा 44 फीसदी तक पहुंचने का अनुमान है।’
खुदरा कारोबार से 18.5 अरब डॉलर राजस्व
खुदरा कारोबार पर रिपोर्ट में कहा गया कि रिलायंस 11 हजार से ज्यादा स्टोर के माध्यम से 18.5 अरब डॉलर के राजस्व के साथ ऑफलाइन बाजार की लीडर बनी हुई है। इसमें कहा गया, ‘कंपनी न्यू कॉमर्स में सबसे बेहतर स्थिति में है और स्टोर्स और ई-कॉमर्स (किराना/फैशन श्रेणी) के डिजिटलीकरण में लगी हुई है।’ इसके अलावा फिनटेक ऐसा क्षेत्र है जिसमें रिलायंस मजबूत स्थिति में है और कंपनी डिजिटल भुगतान को स्वीकार करने के वास्ते डिजिटलीकरण के लिए किराना स्टोरों की पहचान कर रहा है और कारोबार के अवसर के रूप में जियो मनी के माध्यम से म्यूचुअल फंड का वितरण कर रही है।