महमूद ने पाकिस्तान पर बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी और बांग्लादेश जमात-ए-इस्लामी की मदद करके 'साजिश में लिप्त' होने का भी आरोप लगाया, जो देश में 'धार्मिक कट्टरता और अस्थिरता' को हवा देने की कोशिश कर रहे हैं। राजनीतिक स्थिरता और धार्मिक सद्भाव बहाल करने के लिए बांग्लादेश में शेख हसीना के नेतृत्व वाली अवामी लीग सरकार की सराहना करते हुए महमूद ने कहा, 'जब बीएनपी सत्ता में थी, तो धार्मिक सद्भाव प्रभावित हुआ था और कट्टरपंथी तत्वों ने देश को अस्थिर कर दिया था, समुदायों के बीच शांति को नष्ट कर दिया था।'
महमूद ने पीटीआई को एक साक्षात्कार में बताया, 'इसलिए, अगर अवामी लीग सत्ता में नहीं है तो फिर से ऐसा ही होगा। इसका असर भारत पर भी पड़ेगा।' यह पूछे जाने पर कि अगर बांग्लादेश में अवामी लीग सत्ता में नहीं आती है तो क्या भारत के साथ द्विपक्षीय संबंध प्रभावित होंगे, उन्होंने जोर देकर कहा, 'निश्चित रूप से, ऐसा होगा। निश्चित तौर पर इसका (संबंधों पर असर) असर पड़ेगा।' बांग्लादेश में आम चुनाव इस साल के अंत में होने की संभावना है।
उन्होंने दावा किया कि बीएनपी की राजनीति 'भारत विरोधी और हिंदू विरोधी बयानबाजी' के इर्द-गिर्द घूमती है। उन्होंने कहा, 'दूसरी ओर, चूंकि अवामी लीग एक धर्मनिरपेक्ष पार्टी है, यह देश में राजनीतिक स्थिरता और धार्मिक सद्भाव प्रदान करती है। महमूद ने कहा कि इस बात के पर्याप्त सबूत हैं कि पाकिस्तान बीएनपी और जमात को मदद मुहैया करा रहा है।
उन्होंने कहा, 'पाकिस्तान जमात और बीएनपी की मदद कर रहा है। उन्होंने पिछले चुनावों में उस देश से पैसा लिया था। पाकिस्तान की एक अदालत में आईएसआई के एक पूर्व प्रमुख का इकबालिया बयान है कि उन्होंने 1991 के चुनावों से पहले बीएनपी को कुछ करोड़ टका दिए थे।' यह पूछे जाने पर कि क्या बांग्लादेश सरकार को इस साल के चुनाव के दौरान भी पाकिस्तान की 'साजिश' का डर है, महमूद ने कहा कि वे हमेशा ऐसा करने की कोशिश करते हैं क्योंकि वे बीएनपी और अवामी लीग के खिलाफ हैं। उन्होंने कहा, 'लेकिन हम पाकिस्तान के साथ भी अच्छे संबंध चाहते हैं। हमारे उनके साथ राजनयिक संबंध हैं।'
ढाका और बीजिंग के बीच 'बढ़ती नजदीकी' पर महमूद ने कहा कि भारत और बांग्लादेश के संबंधों की तुलना किसी अन्य संबंध से नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि भारत और बांग्लादेश के बीच समय की कसौटी पर खरे उतरे द्विपक्षीय संबंध 'खून से बंधे' हुए हैं। उन्होंने कहा, 'हमारी विदेश नीति सभी के साथ मित्रता और किसी के साथ दुर्भावना नहीं है। इसलिए हमारे सभी देशों अमेरिका, चीन और यूरोपीय देशों के साथ संबंध हैं। लेकिन भारत के साथ संबंध अलग हैं; इसकी तुलना किसी अन्य देश से नहीं की जा सकती।
महमूद ने कहा, 'बांग्लादेश और भारत का रिश्ता खून से बंधा हुआ है। क्योंकि जब बांग्लादेश के लोगों ने देश की आजादी के लिए लड़ाई लड़ी तो भारतीय सैनिकों ने भी हमारे लिए लड़ाई लड़ी और अपने प्राणों की आहुति दी। किसी अन्य देश के साथ संबंध भारत और बांग्लादेश के बीच संबंधों को बाधित नहीं करेंगे।'
तीस्ता जल बंटवारा संधि पर उन्होंने कहा कि भारत सरकार की मंशा बहुत सकारात्मक है। उन्होंने कहा, हम देखते हैं कि भारत सरकार एक समाधान खोजने की कोशिश कर रही है, लेकिन आपके पास आंतरिक मुद्दे हैं, और भारतीय संविधान के अनुसार, आपको राज्य सरकार की सहमति की आवश्यकता है। लेकिन हम देखते हैं कि भारत सरकार की मंशा बहुत सकारात्मक है।