देश में पहली बार भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने मल्टीपल स्क्लेरोसिस (एमएस) की एक राष्ट्रीय रजिस्ट्री शुरू की है। इसके लिए देश भर के अस्पतालों को इंटरनेट पर एक मंच के साथ जोड़ा गया है। यहां अस्पतालों से मरीजों की जानकारी सीधे भेजी जा सकेगी ताकि यह पता चले कि इस बीमारी का प्रभाव भारत के किन किन हिस्सों में कितना है?
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एमएस और इससे जुड़ीं डिमाइलेटिंग बीमारियों को लेकर यह एक पहला स्वदेशी डाटाबेस अनुसंधान नेटवर्क है। नई दिल्ली स्थित एम्स के प्रोफेसर डॉ सुब्रत सिन्हा और निमहंस बेंगलुरु के पूर्व निदेशक डॉ सतीश चंद्र ने इसे एक बड़ी कामयाबी बताया। वहीं आईसीएमआर के महानिदेशक डॉ. बलराम भार्गव ने कहा, मौजूदा समय में इन बीमारियों पर निगरानी रखना बहुत जरूरी है। मल्टीपल स्केलेरोसिस रोग एक तंत्रिका संबंधी विकार है जो आमतौर पर 20 से 40 वर्ष की आयु के लोगों प्रभावित करता है।