नेता विपक्ष के पद से हटाए गए गोवा कांग्रेस विधायक माइकल लोबो सोमवार को सामने और सफाई पेश की कि मैं कांग्रेस में ही हूं। लोबो ने पार्टी सांसद मुकुल वासनिक से भी मुलाकात की। लोबो ने कहा, मुकुल वासनिक से मुलाकात सीएलपी की बैठक नहीं थी। कांग्रेस के वरिष्ठ राज्यसभा सदस्य यहां राज्य में हो रही घटनाओं पर चर्चा करने आए थे। मैंने उनसे कहा है कि हम कांग्रेस पार्टी के साथ हैं। साथ ही माइकल लोबो ने कहा, प्रेस कांफ्रेंस में शामिल नहीं होना अयोग्यता का आधार नहीं हो सकता।
वासनिक ने की सभी विधायकों संग बैठक
वहीं, वासनिक ने कहा कि मैंने गोवा में कांग्रेस पार्टी के सभी विधायकों के साथ बैठक की। राज्य में कांग्रेस पार्टी को कैसे मजबूत किया जाए, इस पर चर्चा हुई। कुछ लोग विभिन्न राजनीतिक दलों खासकर कांग्रेस के विधायकों को तोड़ना चाहते हैं। उन्होंने गोवा में हमारी पार्टी के साथ भी ऐसा ही करने की कोशिश की, लेकिन कांग्रेस विधायकों ने दिखा दिया कि वे यहां बुरी तरह विफल होने जा रहे हैं।
मैंने ही नेता से पद से हटाने को कहा था : लोबो
इससे पहले सोमवार को लोबो मीडिया से रूबरू हुए और कहा कि उन्होंने खुद पार्टी नेतृत्व से उन्हें विपक्ष के नेता पद से हटाने का कहा था, क्योंकि उनके खिलाफ कई मुद्दे उठाए गए हैं। लोबो ने यह भी कहा कि कांग्रेस के सारे विधायक एकजुट हैं और दलबदल का सवाल ही नहीं है। मैं समझ नहीं पा रहा हूं कि समस्या क्या है? हम कांग्रेस के टिकट पर जीते हैं और पार्टी के साथ हैं। उन्होंने भाजपा में जाने की अटकलों को खारिज किया।
नौ विधायकों के बगावत की अटकलें
बता दें, गोवा विधानसभा के चुनाव इसी साल के आरंभ में हुए थे। 40 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा ने 20 सीटें जीतकर गठबंधन सरकार बनाई है, जबकि कांग्रेस के पास 11 विधायक हैं। इनमें से नौ के बगावत की अटकलें चल रही हैं।