सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद प्रशस्त हुआ है मार्ग
सुप्रीम कोर्ट ने बीते 25 अप्रैल को सरकार को निर्देश दिया था कि वह तीन महीने के अंदर ग्रामीण बैंकों में काम करने वालों के लिए पेंशन व्यवस्था लागू करे। हालांकि, सरकार का कहना था कि ग्रामीण बैंक घाटे में हैं। इसलिए यह फैसला नहीं लिया जा सकता है। लेकिन ग्रामीण बैंक कर्मचारी संगठनों का बढ़ता दबाव हो या सुप्रीम कोट का आदेश, सरकार को यह फैसला लेना पड़ा है। उल्लेखनीय है कि दूसरे उद्योग में वर्ष 1993 से पेंशन सेवा शुरू की गई लेकिन ग्रामीण बैंक के कर्मचारियों को पेंशन तब भी नहीं दिया गया।
इसके बाद बैंक के कर्मचारियों ने जून 2003 को पेंशन लागू करने के लिए कर्नाटक उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की। इस मामले में मार्च 2011 को कर्नाटक उच्च न्यायालय ने कर्मचारियों के पक्ष में फैसला देते हुए सरकार को पेंशन लागू करने के लिए कहा। इसी तरह अगस्त 2012 में राजस्थान उच्च न्यायालय ने भी अपने निर्णय में कहा था कि ग्रामीण बैंकों की कर्मचारियों की पेंशन 90 दिन के अंदर लागू की जाए। लेकिन सरकार इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची थी।