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10 का सिक्का नहीं लिया तो चलेगा राष्ट्रद्रोह का केस

Sun, 25 Sep 2016 11:54 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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- फोटो : Amar Ujala
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यूपी में 10 रुपये का सिक्का लेने से इनकार करना भारी पड़ सकता है। अफवाहों पर विश्वास कर दस के सिक्के को लेने से इनकार करने वाले व्यक्ति को राष्ट्रद्रोह के केस का सामना करना पड़ सकता है। सिक्के को लेकर व्हाट्स ऐप पर फैली अफवाह पर कठोर एक्शन लेते हुए यूपी में पीलीभीत के डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट ने शनिवार को कहा कि अगर कोई 10 रुपये का सिक्का लेने से इंकार करता है, तो उस पर राष्ट्रद्रोह का केस लग सकता है। 
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गौरतलब है कि 10 रुपये के सिक्के को लेकर लोगों के मन में भ्रांतियां पैठ गई है। ऐसी अफवाहें है कि यह सिक्का अब वैध नहीं है और इसे कोई ले नहीं रहा। 

डीएम मासूम अली सरवर ने कहा कि 10 रुपये का सिक्का राष्ट्रीय मुद्रा है और किसी के पास अधिकार नहीं है कि वह इसे लेने से मना कर दें। भारत सरकार इसकी पूरी कीमत धारक को अदा करने का वचन देती है। आरबीआई के नियमों के अनुसार, 'जो कोई भी भारतीय मुद्रा लेने से इनकार करता है वह आईपीसी की धारा 124A (राष्ट्रद्रोह) के तहत दोषी होगा।' सरवर ने कानूनी प्रक्रियाओं को पूरी कड़ाई से लागू करने की बात कही है। 

 
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2010 में आया यह सिक्का पूरी तरह वैध

- फोटो : Amar Ujala
पिछले 2-3 महीनों से यूपी के कई जिलों में यह अफवाह चल रही है कि 10 का सिक्का कानूनी रूप से वैध नहीं है। इसके बाद लोग 10 का सिक्का लेने से इनकार करने लगे। हालांकि प्रशासन और बैंकों ने कहा भी कि 2010 में आया यह सिक्का पूरी तरह चलन में है। बावजूद इसके अफवाहों का सिलसिला जारी रहा।

20 सितंबर को आरबीआई ने स्पष्ट किया कि यह सिक्का पूरी तरह वैध है और अगर कोई इसे लेने से इंकार करता है, तो उससे कानूनी प्रक्रियाओं का सामना करना पड़ेगा। इससे भी कोई मदद नहीं मिली, यूपी के कई जिलों में दुकानदार, कियोस्क, मालिक और ऑटोरिक्शा ड्राइवर 10 का सिक्का लेने से इंकार कर रहे हैं। साथ ही दिल्ली और पड़ोसी हरियाणा के भी कुछ हिस्सों में ऐसा हो रहा है। 

इन सबके बीच अगस्त और सितंबर में 10 के सिक्के को बदलने के लिए बैंकों में लोगों की भीड़ आती रही। 
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