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आतंक के खिलाफ पीेएम मोदी की अंतरराष्ट्रीय छवि निखारने की तैयारी

Wed, 01 Mar 2017 08:55 AM IST
संजय मिश्र/ अमर उजाला, नई दिल्ली
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फाइल फोटो - फोटो : getty images
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भगवा रणनीतिकार इन दिनों आतंकवाद से मुकाबले के नाम पर मोदी के लिए विश्वव्यापी जमीन तैयार करने में जुटे हुए हैं। डोनाल्ड ट्रंप के अमेरिकी राष्ट्रपति बनने के बाद से उन्हें मोदी की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बनी आतंकवाद विरोधी छवि को चुनौती मिलती दिख रही है।
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ट्रंप से पहले मोदी दुनिया के नेताओं को लगातार विश्वास दिला रहे थे कि आतंकवाद से मुकाबले के लिए वह अग्रणी भूमिका निभा सकते हैं। पाकिस्तान के खिलाफ हुई भारतीय सेना की सर्जिकल स्ट्राइक ने विश्व बिरादरी के सामने मोदी की छवि को आतंकवाद विरोधी नेता के रूप में उभार भी दिया। मगर संघ के नेता मान रहे हैं कि ट्रंप के अमेरिका का राष्ट्रपति बनने के बाद से मोदी की छवि को कड़ी चुनौती मिल रही है।

आतंकवाद पर विश्व बिरादरी को अपने पक्ष में साधने के कवायद में मोदी के रणनीतिकारों ने 14 से 16 मार्च के बीच आतंकवाद से मुकाबले को लेकर राजधानी दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस का आयोजन रखा है। आयोजन की कमान पीएम मोदी के खास माने जाने वाले भाजपा महासचिव राम माधव की बौद्धिक संस्था इंडिया फाउंडेशन के हाथों में हैं। बताया जा रहा है कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल भी आयोजन के सूत्रधारों में शामिल हैं। 
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मोदी के पीएम बनने के बाद देश-दुनिया में हुए बड़े आयोजनों में भी अहम भूमिका

पीएम नरेंद्र मोदी - फोटो : file photo
हालांकि इस आयोजन को भगवा परिवार की विश्व जगत में पैर पसारने की कवायद का हिस्सा भी माना जा रहा है। दरअसल संघ के खांटी प्रचारक राम माधव लोकसभा चुनाव 2014 से ही पीएम मोदी के लिए विदेश में कमान संभाले हुए थे। मोदी के पीएम बनने के बाद देश-दुनिया में हुए बड़े आयोजनों में भी उनकी भूमिका अहम रही है। अब इंडिया फाउंडेशन के जरिये वह आतंकवाद के मामले में पीएम की विश्वव्यापी छवि को दुनिया में बनाए रखने की जुगत में लगे हुए हैं।

इसी लिहाज से काउंटर टेरेरिज्म कांफ्रेंस 2017 के नाम से हो रहे सम्मेलन में दुनिया के दिग्गज नेताओं को आमंत्रित किया गया है। सम्मेलन में 30 से ज्यादा देशों के नामी नेता शामिल होंगें। आयोजन की शुरुआत उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के हाथों होगी। तो श्रीलंका के प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे, नेपाल के उपप्रधानमंत्री बिमलेंद्र निधि और एनआईए के डीजी शरद कुमार बतौर अतिथि शामिल होंगे। 

अन्य वक्ताओं में बांग्लादेश के आंतरिक मामलों के मंत्री असदुजमन खान, श्रीलंका के कानून मंत्री सगाला रतनायके, सिंगापुर के गृहमंत्री के षणमुगम, मलेशिया के खेल मंत्री बिन अबू बकर, अफगानिस्तान के उप विदेश मंत्री खलील करजई और आस्ट्रेलिया के कानून मंत्री माइकल किनन उपस्थित रहेंगे।
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आतंकवाद पर मोदी सरकार की नीति को दुनिया के सामने परोसने की तैयारी

- फोटो : social media
सम्मेलन के दूसरे दिन विभिन्न देशों के रिसर्च स्कॉलर और शिक्षाविदों को बुलाया गया है। इस कड़ी में पाकिस्तान की शोधार्थी आयशा सिद्दिका, जमर्नी के लेखक हेन किसेलिंग, अमेरिका के जार्जटाउन विश्वविद्यालय के एसोसिएट प्रोफेसर सी क्रिस्टिन फेयर, यूएसए के पत्रकार स्टीव कोल, जापान के तोयो विश्वविद्यालय के तकेशी कोन्हो, दक्षिण अफ्रीका से द डेली मावरिक के साईमन एलीसन, आस्ट्रेलिया के शोधार्थी ग्रेग बार्टन, सिंगापुर से बलवीर सिंह, वियतनाम से दाम फू कूओंग, इंडोनेशिया से आतंकवाद निरोधी राष्ट्रीय संस्थान के निदेशक हमीदीन और दक्षिण कोरिया के शोधार्थी डा. ली जायहोन को बुलाया गया है।

आतंकवाद पर मोदी सरकार की नीति को दुनिया के सामने परोसने के लिए गृह मंत्री राजनाथ सिंह, रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर, रेल मंत्री सुरेश प्रभु, विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर, गृह राज्य मंत्री किरन रिजिजू, गृह सचिव राजीव महर्षि, विदेश सचिव एस जयशंकर सरीखे दिग्गज सम्मेलन में अलग-अलग समयों पर हिस्सा लेंगे। 

आयोजन में शामिल होने वाले गणमान्यों के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने 15 मार्च को रात्रि भोज का भी आयोजन रखा है। इसके अलावा हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, जम्मू-कश्मीर की महबूबा मुफ्ती और छत्तीसगढ़  के रमन सिंह सम्मेलन के आयोजन में बढ़-चढ़ कर सहयोग कर रहे हैं।
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