भारत में अवैध
ऑनलाइन सट्टेबाजी पर नियंत्रण के लिए
विधि आयोग ने कई नियमों की सिफारिश करने की तैयारी कर ली है। इन सिफारिशों में किसी व्यक्ति की तरफ से साल में तीन बार ही सट्टे लगाने की इजाजत देना भी शामिल है। आयोग के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने इस मामले पर अंतिम फैसला लेने वाले सदस्यों के लिए तैयार किए गए एक मसौदापत्र का हवाला देते हुए बताया कि कड़े नियमों में से एक यह भी है कि किसी व्यक्ति को एक साल में तीन बार से ज्यादा ऑनलाइन सट्टेबाजी की अनुमति न मिले।
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पदाधिकारी ने बताया, ‘हम इसे प्रतिबंधित करना चाहते हैं। लेकिन अगर ऐसा नहीं किया जा सकता है तो कम से कम इसकी जगह कड़े नियम होने चाहिए... यह एक नशा है... लोगों ने इस चक्कर में बहुत पैसा गंवाया हैं।’ मसौदा दस्तावेज के अनुसार ऑनलाइन सट्टेबाजी में रुचि रखनेवाले लोगों को सिर्फ लाइसेंस ऑपरेटर के जरिए ही खेलना होगा। लाइसेंस प्राप्त ऑपरेटर सट्टेबाजों को ‘ज्यादा दांव’ और ‘कम दांव’ लगाने के लिए उनकी आय और संपत्ति की जानकारी लेंगे।