भारतीय रेलवे के क्लॉक रूम और लॉकरों का इस्तेमाल करने वाले यात्रियों को इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए अब ज्यादा भुगतान करना पड़ेगा। रेलवे बोर्ड ने अब
मंडल रेल प्रबंधकों (डीआरएम) को स्टेशनों पर इस सुविधा का शुल्क बढ़ाने का अधिकार दे दिया है। सेवा को आधुनिक बनाने के लिए शीघ्र ही बोली लगाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। जिसमें कम्प्यूटरीकृत माल सूची शामिल होगी और सालाना मूल्य बढ़ाने की अनुमति होगी।
वर्तमान में रेलवे 24 घंटे के लिए लॉकर इस्तेमाल के लिए यात्रियों से 20 रुपये का शुल्क लेती है और प्रत्येक अतिरिक्त 24 घंटे के लिए 30 रुपए वसूले जाते हैं। पहले यह मूल्य 15 रुपये था। वहीं क्लॉक रूम का शुल्क 24 घंटे के लिए 15 रुपये है जबकि प्रत्येक अतिरिक्त 24 घंटे के लिए यात्रियों से 20 रुपये लिए जाते हैं। इससे पहले ये शुल्क क्रमश: सात रुपये और 10 रुपये थे। नई नीति के अनुसार, यह निर्णय लिया गया है कि स्थानीय स्थितियों के अनुसार डीआरएम को क्लॉक रूमों और लॉकरों के किराए बढ़ाने के पूरे अधिकार होंगे।
पढ़ें- रेलवे कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर, इस मुकाम पर पहुंचने का सुनहरा मौका
यह सेवा व्यापक रूप से बैक पैकर्स और कई घरेलू पर्यटकों द्वारा उपयोग की जाती है। खास कर उन लोगों द्वारा जो किसी पर्यटक स्थल के लिए छोटी यात्राओं पर होते हैं। एक वरिष्ठ रेलवे अधिकारी ने बताया कि जिन स्टेशनों पर ज्यादा पर्यटक आते हैं वहां पर इसकी मांग ज्यादा है। इसलिए हमने सोचा कि उन स्टेशनों के अधिकारी को यह तय करने का अधिकार होना चाहिए कि वह कितना शुल्क तय करेगा।