टीएमसी की बागी सांसद शताब्दी रॉय शनिवार को केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात की। इस दौरान सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय भी मौजूद रहे हैं। इसके साथ ही लोकसभा में ‘असली टीएमसी’ संसदीय समूह के रूप में मान्यता की तैयारी शुरू हो गई है।
तृणमूल कांग्रेस के सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय ने बागी सांसद शताब्दी रॉय के साथ केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात की। इस बीच, टीएमसी के बागी सांसद सोमवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर 'असली टीएमसी' संसदीय समूह के रूप में मान्यता प्राप्त करने की मांग करने की तैयारी कर रहे हैं।
किसको बनाना चाहते हैं अपना नेता?
विद्रोही खेमे के एक सूत्र ने बताया कि वह लोकसभा में बंद्योपाध्याय को अपना नेता बनाना चाहते हैं। सोमवार को इससे पहले भी बागी सांसदों के एक समूह ने यादव के आवास पर बैठक की थी। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में हार के बाद टीएमसी राज्य और केंद्र में अपने विधायकों के एक बड़े वर्ग के विद्रोह से हिल गई है। पार्टी के लोकसभा में 28 सदस्य और राज्यसभा में 13 सदस्य हैं, जिनमें से तीन अब तक इस्तीफा दे चुके हैं। टीएमसी नेताओं ने भाजपा पर पार्टी में दलबदल कराने के उद्देश्य से ऑपरेशन लोटस चलाने का आरोप लगाया है।
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तृणमूल से अब तक किन नेताओं का मोहभंग हुआ?
गौरतलब है कि गुरुवार को प्रकाश चिक बराइक और कोयल मल्लिक ने राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। बराइक और कोयल मल्लिक से पहले सुखेंदु शेखर रॉय और बंगाल से निर्वाचित महिला सांसद सुष्मिता देव ने भी सांसदी छोड़ दी है। सुखेंदु शेखर ने पद छोड़ने के बाद तृणमूल के कार्यकाल पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए कहा था कि उन्होंने आरजी कर अस्पताल में हुए दुष्कर्म और हत्या मामले के बाद ही पार्टी छोड़ने का मन बना लिया था। दूसरी तरफ सुष्मिता देव ने पार्टी छोड़ने के बाद अपने गृह राज्य असम की राजनीति पर ध्यान केंद्रित करने की बात कही।