खाड़ी देश कतर की एक अदालत ने गुरुवार को भारतीय नौसेना के आठ पूर्व कर्मियों को मौत की सजा सुनाई थी। इस फैसले पर भारत सरकार ने हैरानी जताई थी। सरकार ने कहा था कि हम विस्तृत फैसले का इंतजार कर रहे हैं साथ ही सभी कानूनी विकल्प भी तलाश रहे हैं। इस मामले में सरकार की प्रतिक्रिया पर अमर उजाला ने अपने पाठकों की राय जानी। अमर उजाला ने अपने पोल में सवाल किया कि क्या कतर में भारतीयों को फांसी मामले पर सरकार का रवैया ढीला था? जिस पर बड़ी संख्या में पाठकों ने माना कि सरकार ने इस मुद्दे पर लापरवाही की।
क्या रही पाठकों की प्रतिक्रिया
क्या कतर में भारतीयों को फांसी मामले पर सरकार का रवैया ढीला था? अमर उजाला के इस सवाल पर पाठकों ने बड़ी संख्या में प्रतिक्रिया दी। इनमें से 87 फीसदी लोगों ने हां में जबकि 13 फीसदी लोगों ने ना में जवाब दिया। इस पोल के नतीजों के निष्कर्ष में कहा जा सकता है कि बड़ी संख्या में लोगों का मानना है कि सरकार ने इस मसले पर वो तत्परता नहीं दिखाई जोकि होनी चाहिए थी।
क्या बोले पाठक?
इस सवाल के जवाब में पाठकों ने विभिन्न तरह की टिप्पणियां कीं। किसी ने इस चुनाव से जोड़कर देखा तो किसी ने विदेश नीति पर सवाल उठाए। एक यूजर ने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री जी की सरकार में ऐसा ही होता है चुनाव जीतने के लिए कुछ ना कुछ करना पड़ता है क्या किसी की जान जाए चाहे किसी की शान बने। वहीं एक अन्य ने सवाल किया, 'विश्व भ्रमण करने से विदेश नीति मजबूत नहीं होती आर्थिक सुधारों पर प्रधानमंत्री की पकड़ बहुत ही कमजोर साबित हुई है। प्रधानमंत्री जी को कतर में भारतीय के फांसी देने पर देश को हकीकत बतानी चाहिए।'
क्या है मामला?
मामला पहली बार 30 अगस्त को सामने आया जब कतर की खुफिया एजेंसी 'राष्ट्रीय सुरक्षा ब्यूरो' ने आठ पूर्व नौसेना अधिकारियों को गिरफ्तार किया। उन्हें बिना किसी आरोप के हिरासत में लिया गया और एकांत कारावास में भेज दिया गया था। हालांकि, मीडिया रिपोर्ट में कहा गया था कि उन पर जासूसी का आरोप लगाया गया था। अब कतर के कोर्ट ऑफ फर्स्ट इंस्टांस द्वारा मौत की सजा वाला फैसला सुनाया गया है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, सेवानिवृत होने के बाद ये सभी नौसैनिक कतर की निजी कंपनी दहरा ग्लोबल टेक्नोलॉजी एवं कंसल्टेंसीज सर्विसेज में काम कर रहे थे। यह कंपनी कतरी एमिरी नौसेना को ट्रेनिंग और अन्य सेवाएं प्रदान करती है। कंपनी खुद को कतर रक्षा, सुरक्षा एवं अन्य सरकारी एजेंसी की स्थानीय भागीदार बताती है।