पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भारतीय रिजर्व बैंक पर नए नोटों के वितरण में राज्य के साथ भेदभाव बरतने का आरोप लगाया है। महीने की पहली तारीख को बैंकों के सामने बढ़ती कतारों और एटीएम में पर्याप्त नकदी नहीं होने के बीच ममता ने बृहस्पतिवार को ट्विटर पर लिखा की वेतनभोगी लोगों को अपने जरूरी खर्चों के लिए बैंक से अपना पैसा ही नहीं मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि जब संगठित क्षेत्र में संकट इतना गंभीर है तो असंगठित क्षेत्र में हालत की गंभीरता का सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है। भारतीय रिजर्व बैंक की खिंचाई करते हुए ममता ने कहा कि केंद्रीय बैंक ने तमाम घोषणाओं और वादों के बावजूद कई राज्य सरकारों को बेहद जरूरी धन मुहैया नहीं कराया है। पांच सौ के नए नोट को एक दुर्लभ चीज करार देते हुए तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने कहा कि राज्य के ज्यादातर इलाकों में अभी नया नोट देखने को नहीं मिला है।
तृणमूल प्रमुख ने राज्यों को नकदी के वितरण के मामले में भारी भेदभाव बरतने का आरोप लगाते रिजर्व बैंक से हर राज्य को दी जाने वाली रकम का आंकड़ा जारी करने की मांग की। ध्यान रहे कि मोदी सरकार की ओर से नोटबंदी के ऐलान के बाद से ही ममता लगातार इसका विरोध कर रही हैं। उन्होंने इसे एक काला फैसला बताते हुए इसे तुरंत वापस लेने की मांग की है। यहां तृणमूल कांग्रेस की ओर से नोटबंदी के खिलाफ आयोजित रैली में ममता ने कहा कि वे रहें या नहीं लेकिन मोदी को भारतीय राजनीति से बाहर निकाल कर ही दम लेंगी।