प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के भतीजे रतुल पुरी पर 3600 करोड़ के वीवीआईपी चॉपर घोटाले में आरोपी राजीव सक्सेना को धमकाने का आरोप लगाया है। ईडी के आरोपपत्र में कहा गया है कि पुरी ने सक्सेना को अपने पिता और चाचा के खिलाफ साक्ष्यों को साझा न करने के लिए दबाव बनाया।
जांच एजेंसी ने हिंदुस्तान पावर प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड (एचपीपीएल) के प्रमोटर पर साक्ष्यों को मिटाने के आरोप लगाए हैं। इस मामले में रतुल पुरी और सहयोगी नियामत सिंह के ठिकानों पर छापेमारी के दौरान दस्तावेजों को जलाने के बाद राख को भी इकट्ठा कर उसकी जांच करने के आदेश दिए गए थे।
ईडी ने दो नवंबर को दायर चार्जशीट में कहा है कि पुरी ने सक्सेना की कंपनियों के नाम पर क्रिश्चियन मिशेल, कार्लोस गेरोसा और गुइडो हैस्के को बिचौलिया बनाकर घोटाले को अंजाम दिया। इनमें से दो आरोपियों को दुबई से लाया गया था, जो अभी न्यायिक हिरासत में हैं। इस मामले में राजीव सक्सेना बाद में सरकारी गवाह बन गया, जिसके पास इस घोटाले से जुड़े दस्तावेज सहित कई और राज भी हैं।
आरोप पत्र में रतुल पुरी के पिता और कंपनी मोजर बेयर के एमडी दीपक पुरी के अलावा चाचा के भी शामिल होने की बात कही गई है, लेकिन नाम का खुलासा नहीं किया गया है। सक्सेना की ओर से पहले दिए गए बयानों से संबंधित डाटा या अन्य ब्योरा मुहैया करवाने में जल्दबाजी न करने और कुछ हिस्सों का ही खुलासा करने का दबाव बनाने का भी रतुल पुरी पर आरोप है।