फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

विदाई की तैयारी : कई उपलब्धियों के साथ रायसीना हिल से विदा होंगे राष्ट्रपति कोविंद, प्रधानमंत्री आज देंगे भोज

Fri, 22 Jul 2022 06:17 AM IST
योगेश साहू अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।

सार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को वर्तमान राष्ट्रपति कोविंद को विदाई भोज देंगे। विदाई भोज में उपराष्ट्रपति, लोकसभा स्पीकर, मोदी केबिनेट के सभी मंत्री मौजूद रहेंगे। जबकि राष्ट्रपति कोविंद भावी राष्ट्रपति मुर्मु के सम्मान में रविवार को रात्रिभोज का आयोजन करेंगे।
विज्ञापन
Ramnath Kovind - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

समाज में समतावाद और अखंडता के पैरोकार व जमीन से उठकर देश के 14वें राष्ट्रपति बने रामनाथ कोविंद अब राष्ट्रपति भवन से विदाई लेने की तैयारी में हैं। 25 जुलाई, 2017 को देश के 14वें राष्ट्रपति के बने कोविंद का कार्यकाल रविवार को समाप्त हो रहा है। दो वर्ष का समय कोविड महामारी में बीतने के बाद भी उनके कार्यकाल को कई अहम उपलब्धियों के लिए याद किया जाएगा। बहरहाल, द्रौपदी मुर्मू कोविंद की जगह लेंगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से आज वर्तमान राष्ट्रपति कोविंद को विदाई भोज दिया जाएगा।

विज्ञापन


प्रधानमंत्री मोदी आज देंगे राष्ट्रपति कोविंद को भोज
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को वर्तमान राष्ट्रपति कोविंद को विदाई भोज देंगे। विदाई भोज में उपराष्ट्रपति, लोकसभा स्पीकर, मोदी केबिनेट के सभी मंत्री मौजूद रहेंगे। जबकि राष्ट्रपति कोविंद भावी राष्ट्रपति मुर्मु के सम्मान में रविवार को रात्रिभोज का आयोजन करेंगे। इस अवसर पर उपराष्ट्रपति, पीएम, कैबिनेट मंत्री और विपक्ष के तमाम दिग्गज नेता मौजूद रहेंगे।

शिक्षा को सामाजिक सशक्तीकरण का उपकरण बताने वाले कोविंद राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की अधिक सक्रिय भागीदारी के समर्थक हैं और समाज से वंचित वर्गों, विशेष रूप से विकलांगों और अनाथों के लिए अधिक अवसर पैदा करने का आह्वान करते रहे हैं। कोविंद ने अपनी साधारण पृष्ठभूमि का उल्लेख करते हुए कहा था कि वे एक छोटे से गांव में मिट्टी के घर में पले-बढ़े हैं और राष्ट्रपति बनने तक की उनकी यात्रा लंबी रही है। 
विज्ञापन


यह  यह देश संविधान की प्रस्तावना में दिए गए न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के मूल मंत्र का पालन करना जारी रखूंगा। इसके साथ ही भारत की विविधता को इसकी कामयाबी बताते हुए उन्होंने कहा, हमारी विविधता ही वह मूल है, जो हमें विशिष्ट बनाती है।

छह देशों का सर्वोच्च सम्मान
भारत के राष्ट्राध्यक्ष के तौर पर उन्होनें 33 देशों की राजकीय यात्राएं की। मेडागास्कर, इक्वेटोरियल गिनी, इस्वातिनी, क्रोएशिया, बोलीविया और गिनी गणराज्य से सर्वोच्च राजकीय सम्मान प्राप्त हुआ।

सबसे ऊंचे युद्धक्षेत्र का दौरा किया
कोविंद ने मई 2018 में दुनिया के सबसे ऊंचे युद्धक्षेत्र लद्दाख के सियाचिन में कुमार पोस्ट का दौरा किया।

दूसरे दलित राष्ट्रपति
राज्यपाल के रूप में कोविंद की उपलब्धियों ने 2017 में उन्हें राष्ट्रपति पद का प्रबल दावेदार बनाया। वे केआर नारायणन के बाद शीर्ष संवैधानिक पद पर काबिज होने वाले दूसरे दलित बने।

पुस्तकों में गहरी दिलचस्पी
उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के परौंख गांव में मामूली परिवार में जन्मे। एक ख्यातनाम वकील, सांसद और बिहार के राज्यपाल भी रहे। राजनीति, कानून, इतिहास और आध्यात्मिकता पर पुस्तकों में गहरी दिलचस्पी।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें