कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में शुक्रवार सुबह एक महिला डॉक्टर का शव बरामद हुआ। इस मामले में लगातार खुलासे हो रहे हैं और राजनीति भी गरमाई हुई है। कोलकता को तला पुलिस स्टेशन में महिला डॉक्टर के माता-पिता ने दुष्कर्म और हत्या का मामला दर्ज कराया है। उधर, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पीड़ित परिवार को निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है।
मुंह और नाक में खून, शरीर पर चोट के निशान
महिला डॉक्टर के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। शुरुआती जांच में पता चला है कि महिला के शरीर पर चोट के गहरे निशान थे। कोलकाता पुलिस का कहना है कि हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। इसके अलावा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मामले में और भी धाराएं जोड़ी जाएंगीं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पीड़िता के मुंह और नाक में खून के थक्के देखे गए हैं। उधर, अस्पताल के जूनियर डॉक्टरों शुक्रवार दोपहर से काम बंद कर दिया और 48 घंटे के भीतर हत्या के आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की। जूनियर डॉक्टरों ने यह भी बताया कि रात की शिफ्ट में अस्पताल में महिलाओं के लिए पर्याप्त सुरक्षा का अभाव है।
‘मेरी बेटी के चेहरे से खून टपक रहा था’
पीड़िता के पिता ने सुबह के समय अपनी बेटी के शव को देखा। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी के चेहरे से खून टपक रहा था और उसका चश्मा टूटा हुआ था। उन्होंने आगे कहा, ‘जब मैंने बेटी के शव के ऊपर रखे कपड़े को हल्का सा हटाया तो मुझे उसकी कमर के नीचे कपड़े नहीं दिखे।’ पीड़िता के माता-पिता का कहना है कि अस्पताल प्रबंधन द्वारा सच को छिपाया गया और शुरुआत में उनसे कहा गया कि उनकी बेटी ने खुदकुशी की है।
गुरुवार रात 11.30 बजे हुआ आखिरी बार बात
पीड़िता के पिता ने कहा, ‘गुरुवार रात 11.30 बजे हमारी बेटी ने अपनी मां से बात की थी। मां ने यह पूछने के लिए फोन किया था कि बेटी ने खाना खाया या नहीं। बेटी ने कहा कि वह अपने साथ खाना लेकर आई है। बेटी ने मां से कहा कि खाना खाकर सो जाइए। बेटी के आखिरी शब्द थे, मुझे वार्ड में राउंड पर जाना है।’
शुक्रवार सुबह 10.53 बजे मिली मौत की खबर
पीड़िता के पिता ने कहा, ‘शुक्रवार सुबह 10.53 बजे के करीब हमें एक फोन कॉल आई। मुझे जल्दी से अस्पताल आने को कहा गया। मुझे बताया गया कि मेरी बेटी बीमार हो गई है। हम परेशान हो गए और वापस कॉल करने की कोशिश करते रहे। जब तीसरी बार कॉल उठाई गई, तो हमें बताया गया कि हमारी बेटी की मौत हो चुकी है और उसने खुदकुशी की है।’
‘मेरी बेटी के शरीर पर नाम मात्र के कपड़े थे’
उधर, पीड़िता की मां का कहना है कि उनकी बेटी का यौन उत्पीड़न किया गया और इसके बाद नृशंस हत्या की गई। मां यह बताते हुए बुरी तरह से टूट गईं कि उनकी बेटी के शरीर पर नाम मात्र के कपड़े थे। पीड़िता की मां ने आगे कहा, ‘मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हमसे बात की है। उन्होंने कहा कि दोषी को मौत की सजा दी जाएगी। हमने तला पुलिस स्टेशन में दुष्कर्म और हत्या का मामला दर्ज कराया है।’
‘रात के दो बजे डिनर किया था और फिर…’
महिला डॉक्टर के परिचित एक जूनियर डॉक्टर ने कहा, ‘रात को दो बजे के करीब हमने भोजन किया। इसके बाद महिला डॉक्टर आराम करने के लिए सेमीनार हॉल में चली गई। सुबह जब एक डॉक्टर उन्हें वापस बुलाने के लिए सेमीनार हॉल में पहुंचा तो वहां मृत शरीर पड़ा हुआ था।’ उधर फॉरेंसिक जांच विशेषज्ञों का कहना है कि महिला डॉक्टर का चेहरे पर कुछ चोट के निशान थे। विशेषज्ञों ने आगे कहा, ‘जिस कवर से शरीर को ढका हुआ था, हमने वह नहीं हटाया। इसलिए हम महिला के कपड़ों पर कुछ नहीं कहना चाहते।’
जूनियर डॉक्टरों में आक्रोश
अस्पताल में महिला डॉक्टर की हत्या के बाद से जूनियर डॉक्टर्स आक्रोशित हैं। जूनियर डॉक्टर्स ने कुछ घंटे शव को साथ लेकर प्रदर्शन किया और निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि अस्पताल में सीसीटीवी कैमरों की कमी है और उनमें से कई कैमरे बिल्कुल भी काम नहीं कर रहे। उधर, पश्चिम बंगाल के स्वास्थ्य सचिव नारायण स्वरूप निगम का कहना है कि इस मामले में पुलिस जांच शुरू हो गई है और देखना है कि जांच में क्या सामने आता है।