वहीं पीएम मोदी पर दोहरे चरित्र का भी उन्होंने आरोप लगाया और कहा कि केवल एक भारतीय प्रधानमंत्री, नरेंद्र मोदी ने सिलिकॉन के फेसबुक कार्यालय का दौरा किया है। फेसबुक मुख्यालय में उन्होंने मार्क जकरबर्ग की जमकर तारीफ भी की थी लेकिन भारत वापस आने के बाद उन्हें खलनायक साबित करने की कोशिश करने लगे।
कांग्रेस प्रवक्ता ने फेसबुक लीक मामले पर आगे कहा कि कांग्रेस और पार्टी अध्यक्ष ने कैंब्रिज एनालिटका नाम की किसी कंपनी को नियुक्त नहीं किया। यह फर्जी एजेंडा फैलाया जा रहा है और रविशंकर प्रसाद सफेद झूठ बोल रहे हैं। उन्होंने कहा कि ब्रिटिश एजेंसी कैम्ब्रिज एनालिटिका की क्लाइंट कांग्रेस नहीं बल्कि बीजेपी है। सुरजेवाला ने एजेंसी की वेबसाइट से मिली जानकारियों के आधार पर यह भी दावा किया है कि 2010 के बिहार चुनाव में बीजेपी ने इस एजेंसी की सेवाएं ली थीं। उस समय बीजेपी और जेडीयू के साथ गठबंधन था।
आपको बता दें कि कानून मंत्री ने कहा था कि कांग्रेस ने जिस कंपनी को आगामी लोकसभा चुनाव 2019 की जिम्मेदारी सौंपी है, उस पर गंभीर आरोप लगे हैं। रविशंकर के मुताबिक कैम्ब्रिज एनालिटिका, जिसे कांग्रेस ने अपने चुनाव प्रचार की जिम्मेदारी दी है उस पर फेसबुक के 5 करोड़ यूजर्स के डाटा लीक होने से सबसे ज्यादा फायदा पहुंचने के आरोप लगे हैं।
केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद का दावा है कि कांग्रेस जिस कंपनी को अपने चुनावों की जिम्मेदारी देने जा रही है उस पर रिश्वत लेने, राजनेताओं को फंसाने और ब्लैकमेल करने जैसे गंभीर आरोप लग रहे हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इसी एजेंसी की सर्विस ली थी।
प्रसाद ने प्रेस कांफ्रेंस करके कांग्रेस से सवाल पूछा कि क्या कांग्रेस डाटा के हेरफेर और चोरी के जरिए चुनाव जीतना चाहती है। उन्होंने कहा कि हम बोलने की आजादी और सोशल मीडिया पर खुले विचारों का समर्थन करते हैं। लेकिन सोशल मीडिया का गलत इस्तेमाल और अवांछनीय तरीके से चुनाव जीतने की कोशिश की जाएगी तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
फेसबुक के संस्थापक मार्क जकरबर्ग को सीधी चेतावनी देते हुए रविशंकर प्रसाद ने कहा कि अगर फेसबुक से किसी भी भारतीय का डाटा लीक हुआ तो यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
किसने बनाया था यह ऐप
कैंब्रिज यूनिवर्सिटी के मनोविज्ञान के प्रोफेसर अलेक्सांद्र कोगन की कंपनी ग्लोबल साइंस रिसर्च ने पर्सनालिटी पर शोध करने के लिए 2014 में ‘दिसइजयोरडिजिटललाइफ’ नाम का एक ऐप बनाया था। फेसबुक के 2.70 लाख यूजरों ने इस ऐप को डाउनलोड किया, लेकिन कंपनी ने उनके दोस्तों की जानकारियों को भी हासिल कर लिया और इस तरह उसके पास 50 करोड़ यूजरों का आंकड़ा इकट्ठा हो गया।