झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी), झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) और कई अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के विरोध में भूख हड़ताल पर बैठे देवेंद्र नाथ महतो ने बुधवार को जल ग्रहण किया है। उन्होंने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से फोन पर लाइव बातचीत के बाद जल ग्रहण किया।
देवेंद्र नाथ महतो ने क्या कहा?
छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने कहा, हम 25 जुलाई से सत्याग्रह कर रहे हैं। मैंने 2 अगस्त से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी। मैं बहुत ज्यादा थक चुका था और स्थिति गंभीर हो गई थी। यहां 26 साल से पेपर लीक हो रहे हैं। कल डॉक्टर ने चेतावनी दी कि अगर मैंने पानी नहीं पिया तो मुझे अस्पताल में भर्ती करना पड़ेगा।
बातचीत के दौरान वांगचुक ने क्या कहा?
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने कहा, कृपया थोड़ा पानी पी लीजिए। यह आत्महत्या जैसा कदम है। आपको कुछ समय चाहिए, लेकिन यह 2-3 हफ्ते भी हो सकते हैं। मुझे उम्मीद है कि सरकार इसे समझेगी और सही फैसला लेगी।
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सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो से फोन पर लाइव बातचीत की।
बाद में देवेंद्र नाथ महतो ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, देश के प्रख्यात नवप्रवर्तक सोनम वांगचुक सर से वीडियो कॉल से सीधे संवाद करने का अवसर मिला। उन्होंने हमारे आंदोलन के प्रति अपना बहुमूल्य मार्गदर्शन, प्रेरणादायी विचार एवं हौसला प्रदान किया। उनके आग्रह पर हमने जल ग्रहण किया। साथ ही, उनसे रांची आकर आंदोलनक कर रहे छात्रों का मनोबल बढ़ाने का विनम्र आग्रह भी किया। हमारी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल व सत्याग्रह आंदोलन अपने संकल्प के साथ निरंतर जारी है।
'तब तक कुछ नहीं खाऊंगा, जब तक...'
महतो ने मीडिया से बातचीत में कहा, मैंने आज सोनम वांगचुक से वीडियो कॉल पर बातचीत के बाद जल ग्रहण किया है। मैं जल और नमक लेता रहूंगा, लेकिन तब तक कुछ नहीं खाऊंगा, जब तक झारखंड सरकार हमारी बात नहीं सुनती।
देवेंद्र महतो जेपीएससी, जेएसएससी सीजीएल और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के विरोध में भूख हड़ताल कर रहे हैं।