रामलला के मूर्तिकार अरुण योगीराज की पत्नी ने सोमवार को अयोध्या रामोत्सव पर खुशी जाहिर की है। कार्यक्रम के दौरान रिश्तेदारों, दोस्तों और शुभचिंतकों के साथ घर पर जश्न मनाया। बहुत लोग हमारे घर पहुंचे, मानों जैसे हमारा घर अब मंदिर हो गया हो।
अयोध्या के राम मंदिर में 500 साल के इंतजार के बाद आखिरकार रामलला विराजमान हो गए हैं। रामलला के मूर्तिकार अरुण योगीराज की पत्नी ने प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम पर खुशी जाहिर की है। प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के एक दिन बाद मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि पति अरुण योगीराज की बनाई मूर्ति को स्थापित किया गया है। लोगों के प्यार और देश के हर व्यक्ति द्वारा दी गए आशीर्वाद के लिए धन्यवाद।
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हमारा घर जैसे मानों मंदिर बन गया हो- मूर्तिकार की पत्नी
अयोध्या में हुए भव्य रामोत्सव पर मूर्तिकार अरुण योगीराज की पत्नी ने कहा कि सोमवार को कार्यक्रम शानदार था। कार्यक्रम के दौरान रिश्तेदारों, दोस्तों और शुभचिंतकों के साथ घर पर जश्न मनाया। बहुत लोग हमारे घर पहुंचे, मानों जैसे हमारा घर अब मंदिर हो गया हो। इस स्नेह और आशीर्वाद के लिए सभी का दिल से धन्यवाद करती हूं। अयोध्या जाने पर उन्होंने कहा कि हम एक दो दिन रुककर ही अयोध्या जाएंगे। वहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु जुटे हुए हैं। भीड़ कम होते ही हम रामलला के दर्शन करेंगे। गौरतलब है कि रामलला की मूर्ति को तराशने वाले योगीराज अयोध्या के रामोत्सव में मौजूद थे।
मैं धरती का सबसे सौभाग्यशाली आदमी- योगीराज
रामलला की मूर्ति को बनाने वाले योगीराज ने कहा कि मैं धरती का सबसे सौभाग्यशाली आदमी हूं। मेरे पूर्वजों, परिवार के सदस्यों और भगवान रामलला का मुझ पर हमेशा आशीर्वाद रहा है। कभी-कभी तो मुझे लगता है कि मैं सपना देख रहा हूं। यह मेरी जिंदगी का सबसे बड़ा दिन है। गौरतलब है कि राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा सोमवार को आयोजित किया गया था। समारोह में पीएम मोदी, संघ प्रमुख मोहन भागवत समेत आठ हजार हस्तियों ने शिरकत की थी।
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खास बात है कि रामनगरी अयोध्या ने वैश्विक स्तर पर भी अपना ध्यान खींचा है। सोमवार को देश के साथ-साथ विदेश में भी जमकर जश्न मनाया गया है। वहीं रात को कई जगहों पर पटाखे फोड़े गए और मिट्टी के दीये जलाए गए थे।