जवाहर बाग हिंसा के सूत्रधार रामवृक्ष यादव ने अपने स्वाधीन भारत सत्याग्रह संगठन के लिए पूरी मुहिम चला रखी थी। वह गांवों में सभा करके नौकरीपेशा लोगों से कहता था कि नौकरी छोड़कर उसके संगठन से जुड़ें, सैलरी वह देगा। पुलिस गिरफ्त में आए वीरेश यादव ने यह खुलासा किया।
वीरेश के मुताबिक रामवृक्ष ने संगठन से अधिकांश उन परिवारों को जोड़ा जिनके घरों का कोई न कोई सदस्य कभी बाबा जयगुरुदेव का शिष्य रहा था। वह लोगों को उनके नाम पर भ्रमित करता था। कहता था कि बाबा जयगुरुदेव मरे नहीं हैं वह जवाहर बाग में आकर अपने दर्शन देंगे।
उसकी इन्हीं बातों में आकर लोग जवाहर बाग में इकट्ठा होते चले गए। जो एक बार फंस गया उसे दोबारा निकलने का मौका उसने नहीं दिया। रामवृक्ष के संगठन को चंदा देने वाले लोगों की संख्या काफी थी। प्रदेश और प्रदेश के बाहर से भी पैसा आता था।