सूत्र के मुताबिक, नया ट्रस्ट संस्कृति मंत्रालय के तहत रजिस्टर्ड होगा। मंत्रालय ही अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के कामकाज की देखरेख करेगा। विश्व हिंदू परिषद चाहता है कि मंदिर निर्माण के लिए सरकार राशि न दे, बल्कि इसकी व्यवस्था देशभर के इच्छुक लोगों के दान से की जाए।
मंदिर के लिए अतिरिक्त जमीन की आवश्यकता
बताया जा रहा है कि मंदिर निर्माण के लिए 100 एकड़ जमीन की आवश्यकता है और अभी इसके लिए 67 एकड़ जमीन है। ऐसे में 33 एकड़ अतिरिक्त जमीन की आवश्यकता जाहिर की जा रही है। मस्जिद के लिए परिसर में ही पांच एकड़ जमीन देना संभव नहीं है, क्योंकि मंदिर के लिए ही अतिरिक्त जमीन की आवश्यकता है। राज्य सरकार किसी और इलाके में मस्जिद के लिए जमीन दे।
अयोध्या के पुनर्निर्माण पर विचार
सूत्र ने कहा कि केंद्र सरकार मस्जिद के लिए जमीन आवंटन में हस्तक्षेप नहीं करेगा। यह राज्य सरकार की जिम्मेदारी है कि वह मस्जिद के लिए पांच एकड़ जमीन की व्यवस्था करे। साथ ही सरकार इस बात पर भी विचार कर रही है कि हनुमानगढ़ी को केंद्र में रखते हुए अयोध्या का पुनर्निर्माण किया जाए। 388 वर्ग किलोमीटर के दायरे में स्मार्ट सिटी, आउटर रिंग रोड, पार्क ट्रीटमेंट प्लांट, बस स्टैंड, रेलवे, एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं मुहैया कराई जाएं।