यूपी सरकार के एमएसएमई मंत्री राकेश सचान अवैध असलहा रखने के मामले में सजा सुनाए जाने के बावजूद मंत्री बने रहेंगे। सोमवार को अदालत के फैसले के बाद केंद्रीय नेतृत्व ने पूरे मामले में विमर्श के बाद सचान का इस्तीफा नहीं लेने का फैसला किया है।
नेतृत्व ने फिलहाल सचान को अभयदान दिया है, मगर उसकी निगाहें विपक्ष के रुख पर भी है। अगर विपक्ष ने इसे बड़ा मुद्दा बनाया और असर जमीन पर दिखा तो भविष्य में इस फैसले पर पुनर्विचार भी हो सकता है।
दरअसल सोमवार को सचान को कानपुर के अपर मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट तृतीय ने अवैध असलहा रखने में एक साल कैद की सजा सुनाई थी। शनिवार को दोषी ठहराने के बाद सचान पर अदालत से भागने का आरोप था।
इसके अलावा रीडर ने फैसले से जुड़ी कॉपी छीनकर भागने की तहरीर दी थी। शीर्ष नेतृत्व को इस मामले में अदालत के रुख का इंतजार था। पार्टी सूत्र ने बताया कि सोमवार रात विचार विमर्श के बाद तय किया गया कि सचान इस्तीफा नहीं देंगे। एक साल की सजा के साथ ही जमानत मिलने के कारण सचान की कुर्सी बच गई। अगर अदालत का रुख सख्त होता तो सचान के लिए कुर्सी बचानी मुश्किल होती।
पुराने मामले होंगे वापस
सूत्र ने यह भी बताया कि सचान समेत कुछ मंत्रियों-विधायकों से जुड़े पुराने मुकदमों को वापस लेने की प्रक्रिया भी जल्द शुरू की जाएगी। गौरतलब है कि सचान पर गिट्टी चोरी समेत कुछ अन्य पुराने मामले चल रहे हैं। सचान के अलावा आधा दर्जन मंत्रियों और कुछ विधायकों पर कई सालों पुराने मुकदमे चल रहे हैं। सूत्र ने साफ किया है कि हालांकि संगीन मामलों में किसी को राहत नहीं दी जाएगी।