राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने सोमवार कहा कि भारत की एकता, अखंडता और संप्रभुता को भीतर या बाहर की कोई भी ताकत नुकसान नहीं पहुंचा सकती। उन्होंने सभी से अपील की कि एकजुट होकर 'डीप स्टेट' के खिलाफ काम करें। धनखड़ की ओर से यह बयान तब सामने आया, जब भाजपा ने कांग्रेस नेताओं पर आरोप लगाया कि वे अरबपति निवेशक जॉर्ज सोरोस से मिलकर देश को अस्थिर करने की कोशिश कर रहे हैं।
धनखड़ ने कहा, 'हम इस तरह के दुष्ट इरादों को नजरअंदाज हीं कर सकते। 1.4 अरब भारतीय इस बारे में बेहद चिंतित हैं। उन्होंने कहा कि उन सभी विभाजनकारी ताकतों को हराना होगा, जो भारत के लोकतंत्र, प्रगति और आर्थिक विकास को नुकसान पहुंचाने के लिए काम कर रही हैं।'
विपक्ष का आरोप- अदाणी मुद्दे से ध्यान भटकाने की हो रही कोशिश
राज्यसभा में सत्ता पक्ष के सदस्य कांग्रेस और सोरोस के बीच कथित संबंधों पर चर्चा की मांग कर रहे थे। जबकि विपक्षी सांसदों का कहना था कि यह आरोप केवल अरबपति कारोबारी गौतम अदाणी से जुड़े विवाद से ध्यान हटाने का तरीका है। विपक्ष संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से मामले की जांच कराने की मांग कर रहा है।
'संविधान की शपथ का सम्मान और देश की अखंडता की रक्षा करें'
सभापति ने कहा, 'हम सभी को यह सुनिश्चित करना है कि देश की एकता और संप्रभुता हमारी प्राथमिकता हो। हम किसी भी ऐसी ताकत को भारत की एकता और अखंडता से खेलने की अनुमति नहीं दे सकते।' उन्होंने सांसदों से संविधान की शपथ का सम्मान करने और देश की अखंडता की रक्षा करने का आह्वान किया।
'एकजुट होकर चुनौतियों का सामना करें'
उन्होंने आगे कहा कि किसी भी देश के लिए यह महत्वपूर्ण है कि वह एकजुट होकर अपने सामने आने वाली चुनौतियों का सामना करे। धनखड़ ने आगे कहा कि किसी भी देश के लिए यह महत्वपूर्ण है कि वह एकजुट होकर अपने सामने आने वाली चुनौतियों का सामना करे। धनखड़ ने कहा, देश में जो बुरे इरादे लेकर आ रहे हैं, उन्हें सभी को एकजुट होकर हराना होगा। यह कोई एक वर्ग या पार्टी का मुद्दा नहीं है। यह हमारे अस्तित्व का सवाल है। धनखड़ ने सदस्यों से अपील की कि वे अपने अपने दायित्वों को निभाएं और संसद में रचनात्मक संवाद करें। उन्होंने कहा, संसद में विघटन से देश की नींव कमजोरी होती है और यह लोकतंत्र के लिए हानिकारक है। हम सभी को राष्ट्रीयता की भावना को बढ़ावा देना चाहिए।
'बुरी ताकतों से लड़ने के लिए प्रतिबद्ध है राष्ट्र'
उप राष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति धनखड़ ने कहा, मेरे कक्ष में सदन के नेता और विपक्ष के नेता के बीच एक बैठक हुई। उस बैठक का मकसद यह सुनिश्चित करना था कि सदन सही तरीके से चले। मैं सभी सदस्यों से आग्रह करता हूं कि आप संविधान की शपथ का ध्यान रखें, जो आपने ली है। आपकी शपथ बहुत स्पष्ट है। राष्ट्र की एकता और अखंडता को चुनौती देने वाली किसी भी ताकत का मुकाबला हमें एकजुट होकर करना होगा। यह किसी एक वर्ग के लिए चुनौती नहीं है। यह हमारे पूरे अस्थित्व की चुनौती है। हम एक राष्ट्र के रूप में इन बुरी ताकतों से लड़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
उन्होंने कहा, यह विरोधी ताकतों का तंत्र एक डीप स्टेट के रूप में विकसित हो रहा है, जिसे हमें मिलकर खत्म करना होगा। डीप स्टेट की गतिविधियों ने यह दिखाया है कि यह कोरोना महामारी से भी अधिक घातक रूप में हमें प्रभावित करता है। यह एक ऐसा मौका है जब पूरे देश को एक आवाज में बोलना जरूरी है। राष्ट्र के लोगों को एक दिशा देनी होगी ताकि भारत के अंदर या बाहर के सभी दुश्मन हमारी अखंडता और संप्रभुता को चुनौती देने या हमारी प्रगति में बाधा डालने के किसी कदम में शामिल न हो।
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