अरुणाचल प्रदेश से राज्यसभा सांसद ताई तागाक ने ताकसिंग सेक्टर में चीन की नई घुसपैठ के दावों को भ्रामक बताया है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे फोटो और वीडियो पुराने व संपादित हैं। तागाक ने लोगों से अफवाहों पर भरोसा न करने और केवल आधिकारिक जानकारी पर विश्वास करने की अपील की।
अरुणाचल प्रदेश से राज्यसभा सदस्य ताई तागाक ने अपर सुबनसिरी जिले के ताकसिंग सेक्टर में चीन की ओर से नई घुसपैठ की खबरों को भ्रामक बताया है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे सैन्य शिविरों और भारतीय क्षेत्र में कथित अतिक्रमण के दावे पुराने फोटो और वीडियो को संपादित कर फैलाए जा रहे हैं। वास्तविक स्थिति का आकलन मानसून समाप्त होने के बाद जमीनी सत्यापन के जरिए किया जाएगा।
सोशल मीडिया पोस्ट पर भरोसा न करें- तागाक
ताई तागाक ने लोगों से अपील की कि सीमा से जुड़े मामलों में अपुष्ट सोशल मीडिया पोस्ट पर भरोसा न करें और आधिकारिक पुष्टि से पहले किसी भी तरह की अफवाह न फैलाएं। उन्होंने कहा कि भारत-चीन सीमा विवाद लंबे समय से वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) को लेकर दोनों देशों की अलग-अलग धारणाओं से जुड़ा रहा है। ऐसे मतभेदों को नई घुसपैठ का प्रमाण नहीं माना जाना चाहिए।
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मानसून के बाद होगा सत्यापन- ताई तागाक
उन्होंने बताया कि मानसून के बाद संबंधित सीमा क्षेत्र का विस्तृत जमीनी सर्वेक्षण और सत्यापन कराया जाएगा, जिससे सीमा की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके और हाल में सामने आए दावों की तथ्यात्मक जांच की जा सके।
'सरकार देश की क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध'
राज्यसभा सांसद ने कहा कि केंद्र सरकार देश की क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और भारतीय सीमा के एक इंच भूभाग पर भी किसी तरह का अतिक्रमण स्वीकार नहीं किया जाएगा। यदि किसी भी प्रकार की घुसपैठ की आधिकारिक पुष्टि होती है तो सरकार आवश्यक कदम उठाएगी।