भारतीय नौसेना शनिवार को शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के कच्चे तेल के टैंकर एमटी देश शक्ति पर सवार एक घायल नाविक के लिए मसीहा बनकर सामने आई। नौसेना के आईएनएस शिकरा से उड़ान भरने वाले सी किंग हेलिकॉप्टर ने मुंबई तट के पास रेड अलर्ट, मूसलाधार बारिश, कम दृश्यता और उफनते समुद्र जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच रेस्क्यू बास्केट की मदद से नाविक को सुरक्षित बाहर निकाला।
कैसे सफल हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन?
नौसेना के अनुसार, लगातार बारिश, बेहद कम दृश्यता और समुद्र में खराब मौसम के बावजूद हेलिकॉप्टर चालक दल ने असाधारण कौशल और पेशेवर दक्षता का परिचय देते हुए मेडिकल इवैक्यूएशन (MEDEVAC) अभियान को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। घायल नाविक की आंख में गंभीर चोट लगी थी। हेलिकॉप्टर में प्राथमिक उपचार देकर उसकी हालत स्थिर की गई और इसके बाद उसे तत्काल बेहतर इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
ऑपरेशन के बाद भारतीय नौसेना ने क्या कहा?
भारतीय नौसेना ने कहा कि यह मिशन समुद्र में संकट में फंसे लोगों की जान बचाने की उसकी प्रतिबद्धता और हिंद महासागर क्षेत्र में 'फर्स्ट रिस्पॉन्डर' की भूमिका को एक बार फिर साबित करता है।
पालघर में कोहरे और बारिश में भटके छह पर्यटक
उधर, महाराष्ट्र के पालघर जिले के तांदुलवाड़ी किले पर ट्रैकिंग के दौरान घने कोहरे, मूसलाधार बारिश और फिसलन भरे रास्तों के कारण छह पर्यटक रास्ता भटक गए। सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय बचाव दल ने संयुक्त अभियान चलाकर सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। पालघर के पुलिस अधीक्षक यतीश देशमुख ने बताया कि शुक्रवार शाम पर्यटकों ने आपातकालीन हेल्पलाइन 112 पर मदद मांगी। इसके बाद सफाले पुलिस स्टेशन की एक टीम को तुरंत मौके पर रवाना किया गया।
कितने लोग जंगल में फंसे थे?
एसपी के मुताबिक, 3 जुलाई को नालासोपारा, विरार और दहानू से आए छह पर्यटक चार पुरुष और दो महिलाएं तांदुलवाड़ी किले की सैर पर गए थे। किले से नीचे उतरते समय भारी बारिश, घने कोहरे और फिसलन के कारण वे रास्ता भटककर घने जंगल वाले इलाके में फंस गए।
कैसे बची पर्यटकों की जान?
मदद की सूचना मिलते ही सफाले पुलिस स्टेशन के सब-इंस्पेक्टर कैलाश खाडे और कॉन्स्टेबल रमेश चौधरी, हरि चौधरी तथा लक्ष्मण भोये मौके पर पहुंचे। उन्होंने तांदुलवाड़ी गांव के पुलिस पाटिल सुजीत पाटिल और स्थानीय बचाव दल के साथ समन्वय कर खोज अभियान शुरू किया। खराब मौसम और मुश्किल रास्तों के बावजूद बचाव दल ने सभी छह पर्यटकों का पता लगाकर उन्हें सुरक्षित तांदुलवाड़ी गांव पहुंचाया। बाद में सभी को सकुशल सफाले रेलवे स्टेशन तक छोड़ दिया गया। पुलिस के अनुसार, सभी पर्यटक पालघर के दांडेकर कॉलेज के छात्र हैं।
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पुलिस की लोगों से खास अपील
पुलिस अधीक्षक ने नागरिकों और पर्यटकों से अपील की है कि मानसून के दौरान पहाड़ों, किलों, झरनों और दूरदराज के पर्यटन स्थलों पर जाते समय पूरी सावधानी बरतें और सुरक्षा नियमों का पालन करें। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत डायल 112 पर संपर्क कर सहायता प्राप्त करें।