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Rajyasabha Election: 15 राज्यों की 57 सीटों पर 10 जून को चुनाव, जानें राज्य, पार्टी और सीटों का समीकरण

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: हिमांशु मिश्रा Updated Sun, 29 May 2022 11:28 PM IST

सार

राज्यसभा से 57 सदस्यों का कार्यकाल खत्म हो रहा है। इन्हीं सीटों पर 10 जून को चुनाव होने हैं। इनमें उत्तरप्रदेश से 11 राज्यसभा सांसद जुलाई में रिटायर हो रहे हैं। इन सांसदों में भाजपा के पांच सदस्य, समाजवादी पार्टी के तीन, बसपा के दो और कांग्रेस के एक सांसद हैं।
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राज्यसभा चुनाव - फोटो : अमर उजाला
जुलाई में राष्ट्रपति चुनाव होने हैं। इससे पहले सभी राजनीतिक दलों के सामने राज्यसभा चुनाव जीतने की चुनौती है। 15 राज्यों की 57 सीटों पर 10 जून को चुनाव होने हैं। इसके लिए सभी राजनीतिक दलों ने पूरी ताकत झोंक दी है। कुछ पार्टियों को क्रॉस वोटिंग का डर भी सता रहा है। जिन राज्यों की राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव होने हैं, उनमें उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड शामिल हैं। 

आइए जानते हैं राज्यसभा चुनाव का पूरा गणित। कैसे होते हैं चुनाव? किस राज्य में कौन सी पार्टी कितनी सीट जीत सकती है और मौजूदा सदस्यों में से किसका कार्यकाल खत्म हो रहा है? 

 
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राज्यसभा चुनाव - फोटो : अमर उजाला
जुलाई में राष्ट्रपति चुनाव होने हैं। इससे पहले सभी राजनीतिक दलों के सामने राज्यसभा चुनाव जीतने की चुनौती है। 15 राज्यों की 57 सीटों पर 10 जून को चुनाव होने हैं। इसके लिए सभी राजनीतिक दलों ने पूरी ताकत झोंक दी है। कुछ पार्टियों को क्रॉस वोटिंग का डर भी सता रहा है। जिन राज्यों की राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव होने हैं, उनमें उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड शामिल हैं। 

आइए जानते हैं राज्यसभा चुनाव का पूरा गणित। कैसे होते हैं चुनाव? किस राज्य में कौन सी पार्टी कितनी सीट जीत सकती है और मौजूदा सदस्यों में से किसका कार्यकाल खत्म हो रहा है? 
 

राजस्थान में राज्यसभा चुनाव - फोटो : Social Media
किस राज्य की कितनी सीटों पर चुनाव होने हैं? 
राज्यसभा से 57 सदस्यों का कार्यकाल खत्म हो रहा है। इन्हीं सीटों पर 10 जून को चुनाव होने हैं। इनमें उत्तरप्रदेश से 11 राज्यसभा सांसद जुलाई में रिटायर हो रहे हैं। इन सांसदों में भाजपा के पांच सदस्य, समाजवादी पार्टी के तीन, बसपा के दो और कांग्रेस के एक सांसद हैं।

बिहार से चुने गए पांच राज्यसभा सदस्य भी रिटायर हो रहे हैं। इसमें आरजेडी की मीसा भारती, भाजपा नेता सतीश चंद दुबे और गोपाल नारायण सिंह के अलावा जदयू के राम चंद्र मिश्रा शामिल हैं। इसके अलावा एक और सीट शरद यादव के पास थी। वहीं, झारखंड, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, हरियाणा, पंजाब की दो-दो सीटों पर चुनाव होंगे। ओडिशा, मध्य प्रदेश की तीन-तीन, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक की चार-चार सीटों पर नए सदस्य चुने जाने हैं। महाराष्ट्र, तमिलनाडु की छह-छह और उत्तराखंड की एक सीट पर चुनाव होंगे। 
 

वे बड़े चेहरे, जिनका कार्यकाल खत्म हो रहा

लोकसभा और राज्यसभा के सांसद भी डालेंगे वोट। - फोटो : अमर उजाला
सदस्य   पार्टी
मुख्तार अब्बास नकवी   भाजपा
पीयूष गोयल भाजपा
निर्मला सीतारमण भाजपा
सुरेश प्रभु भाजपा
रामविचार नेताम भाजपा
एमजे अकबर भाजपा
ओमप्रकाश माथुर     भाजपा
शिव प्रताप शुक्ला भाजपा
जफर इस्लाम भाजपा
पी चिदंबरम कांग्रेस
जयराम रमेश   कांग्रेस
अंबिका सोनी   कांग्रेस
छाया वर्मा     कांग्रेस
प्रदीप टमटा कांग्रेस
प्रफुल्ल पटेल  एनसीपी
मीसा भारती राजद
बलविंदर सिंह भूंदड़   अकाली
सतीश चंद्र मिश्र   बसपा
राम चंद्र मिश्रा        जदयू
सस्मित पात्रा     बीजद
प्रसन्ना आचार्य बीजद
टीकेएस एलंगोवन   डीएमके

 

पीएम मोदी, राहुल गांधी, ममता बनर्जी, पिनराई विजयन - फोटो : अमर उजाला
भाजपा के लिए क्या संभावना है?
अलग-अलग राज्यों के विधानसभा में भाजपा की स्थिति को देखा जाए तो 57 में से राज्यसभा की 20 सीटें भाजपा आसानी से जीत सकती है। इनमें सबसे ज्यादा उत्तरप्रदेश में सात, उत्तराखंड में एक, हरियाणा में एक, राजस्थान में एक, मध्य प्रदेश में दो, महाराष्ट्र में दो, कर्नाटक में दो, बिहार में तीन, झारखंड में एक सीट शामिल है। मतलब इन सीटों पर भाजपा बिना चुनाव के जीत सकती है। इसके अलावा इन्हीं राज्यों की बाकी सीटों पर मुख्य लड़ाई में भाजपा होगी। मतलब इन 20 सीटों के अलावा करीब 10 सीटें भाजपा को मिल सकती हैं। तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, छत्तीसगढ़, पंजाब, तमिलनाडु में भाजपा को एक भी सीट नहीं मिलेगी। 

कांग्रेस की क्या स्थिति है?
कांग्रेस को 57 में से 11 सीटें मिल सकती हैं। इससे सदन में पार्टी के सीटों की संख्या 29 से बढ़कर 33 पहुंच सकती है। हरियाणा, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु में एक सीट मिल सकती है। छत्तीसगढ़ और राजस्थान में दो-दो सीटें लगभग तय हैं। तमिलनाडु में डीएमके अगर कांग्रेस को सीट देती है तभी यहां से वह चुनाव जीत सकती है। यहां गठबंधन के साथ कांग्रेस सरकार में है। कहा जा रहा है कि पी चिदंबरम अपने गृह राज्य तमिलनाडु से राज्यसभा पहुंचने की कोशिश में हैं। 
 

राज्यवार किस पार्टी की क्या स्थिति है? 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व अखिलेश यादव। - फोटो : amar ujala
उत्तर प्रदेश : सात भाजपा, तीन पर सपा की जीत तय, आखिरी के लिए लड़ाई
राज्य की 11 सीटों पर राज्यसभा का चुनाव होना है। विधानसभा में संख्या बल को देखें तो भाजपा इन 11 में से सात सीटों पर आसानी से चुनाव जीत सकती है। तीन सीटों पर समाजवादी पार्टी का जीतना तय है। एक सीट पर भाजपा और सपा के बीच लड़ाई हो सकती है। 

भाजपा गठबंधन के पास अभी 273 विधायक हैं। सपा गठबंधन के पास 125 विधायक हैं। कांग्रेस के पास दो, रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया की पार्टी जनसत्ता पार्टी के पास दो और बसपा के पास एक विधायक हैं। ऐसे में अगर कोई उम्मीदवार 31 मई तक नामांकन दाखिल करता है और अपने पक्ष में पर्याप्त विधायकों के समर्थन का दावा करता है तो फिर चुनाव होना तय है। 

एक सीट के लिए 37 विधायकों का समर्थन जरूरी है। 259 विधायकों के सहारे भाजपा अपने सात प्रत्याशियों को आसानी से जीत दिला देगी। इसके बाद भाजपा के पास 14 विधायक बच जाएंगे। वहीं, सपा गठबंधन 111 विधायकों के सहारे तीन सीटों पर आसानी से जीत हासिल कर लेगी। इसके बाद उनके पास भी 14 विधायक बचेंगे। ऐसी स्थिति में जनसत्ता पार्टी के दो, कांग्रेस के दो और बसपा के एक विधायक अहम हो जाएंगे। सपा को क्रॉस वोटिंग का भी डर है। ऐसे में आखिरी सीट के लिए दोनों पार्टियों के बीच रोचक लड़ाई हो सकती है। 

इस बार राज्यसभा से बहुजन समाज पार्टी यानी बसपा का पत्ता पूरी तरह से साफ हो जाएगा। बसपा के पास अब संख्या नहीं है कि वह फिर से अपने किसी उम्मीदवार को राज्यसभा भेज सकें। 

महाराष्ट्र : गठबंधन के खाते में तीन, भाजपा के पास दो सीटें
यहां लड़ाई भी काफी रोचक होने वाली है। राज्य में राज्यसभा की कुल छह सीटों के लिए लड़ाई है। इनमें से तीन सत्तारूढ़ शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस की गठबंधन महाविकास अघाड़ी के खाते में जाना तय है, वहीं दो पर भाजपा की जीत सुनिश्चित है। इस तरह से एक सीट के लिए सभी दलों की नजरें टिकी हैं। राज्यसभा के लिए निर्वाचित होने के लिए एक प्रत्याशी को 42 विधायकों के समर्थन की जरूरत है। शिवसेना के संजय राउत ने दावा किया है कि महाराष्ट्र से राज्यसभा की छह में से चार सीटों पर महाविकास अघाड़ी को जीत मिलेगी।

वहीं, भाजपा चुनाव में तीसरे प्रत्याशी को उतार सकती है। महाराष्ट्र की 288 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा के 106 विधायक हैं। शिवसेना के 55, NCP के 53, कांग्रेस के 44, बहुजन विकास अघाडी के तीन, समाजवादी पार्टी, एआईएमआईएम और प्रहार जनशक्ति पार्टी के दो-दो, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे), मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा), राष्ट्रीय समाज पक्ष, स्वाभिमानी पार्टी, जनसुराज्य शक्ति और क्रांतिकारी शेतकारी के एक-एक विधायक हैं। 

राजस्थान का क्या है सियासी गणित? 
राजस्थान विधानसभा में विधानसभा की 200 सीटें हैं। इनमें कांग्रेस के 108, भाजपा के 71, 13 निर्दलीय, राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के तीन, माकपा व भारतीय ट्राइबल पार्टी (बीटीपी) के दो-दो विधायक हैं। राज्य से राज्यसभा की कुल 10 सीटें हैं। इनमें से चार सीटों पर 10 जून को चुनाव होने हैं। संख्या बल के आधार पर इनमें से दो पर कांग्रेस और एक पर भाजपा की जीत तय है। एक सीटों पर लड़ाई होगी। कांग्रेस में इन दिनों आंतरिक कलह तेज है। 

ऐसी स्थिति में कांग्रेस को भी क्रॉस वोटिंग का डर है। राजस्थान में 13 निर्दलीय सदस्यों की भूमिका भी काफी अहम मानी जा रही है। ऐसे में भाजपा और कांग्रेस दोनों ही इन निर्दलीय सदस्यों को साधने में जुटी है। 

बिहार में क्या होगा? 
बिहार की पांच राज्यसभा सीटों पर चुनाव है। भाजपा-जदयू गठबंधन आसानी से तीन सीटें जीत सकती है। जबकि विपक्षी राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस गठबंधन बाकी बची दोनों सीटें जीत सकता है। आरजेडी ने मीसा भारती और फैयाज अहमद को उतारा है। 

बाकी राज्यों में क्या हाल है? 

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान - फोटो : अमर उजाला
मध्य प्रदेश : यहां तीन सीटों पर चुनाव होने हैं। इनमें से दो पर भारतीय जनता पार्टी और एक पर कांग्रेस आसानी से चुनाव जीत सकती है। राज्य में एक सदस्य को जीत दिलाने के लिए 76 विधायकों का समर्थन चाहिए होता है। 

ओडिशा : राज्यसभा की तीन सीटों पर सत्तारूढ़ बीजू जनता दल आसानी से चुनाव जीत सकती है। बीजद के पास 147 सदस्यीय विधानसभा में 113 विधायक हैं। बीजद के लगभग 40 नेता राज्यसभा चुनाव के लिए टिकट पाने के प्रयास में जुटे हुए हैं। मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के पास संख्या बल नहीं है। 

कर्नाटक : यहां चार में से दो सीटें सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी आसानी से जीत सकती है। एक सीट कांग्रेस के खाते में जा सकती है। चौथी सीट के लिए यहां दोनों पार्टियों के बीच लड़ाई होगी। 

पंजाब : राज्य की दो सीटों पर चुनाव होने हैं। इन दोनों पर सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी के प्रत्याशियों की जीत सुनिश्चित है। आम आदमी पार्टी ने इसके लिए पर्यावरणविद बलबीर सिंह सीचेवाल और सामाजिक कार्यकर्ता विक्रमजीत सिंह साहनी को अपना उम्मीदवार बनाया है। 

उत्तराखंड : राज्य की एक सीट पर चुनाव होने हैं। संख्याबल के आधार पर भारतीय जनता पार्टी यहां से आसानी से जीत हासिल कर लेगी। 

छत्तीसगढ़ : दो सीटों पर चुनाव होने हैं। दोनों पर कांग्रेस आसानी से जीत हासिल कर लेगी। 

हरियाणा : दो सीटों पर चुनाव होने हैं। इनमें एक पर भारतीय जनता पार्टी आसानी से जीत हासिल कर लेगी। दूसरे के लिए कांग्रेस से लड़ाई होगी। 

झारखंड : यहां दो सीटों पर चुनाव होने हैं। इनमें एक पर भाजपा और एक पर झामुमो प्रत्याशी आसानी से जीत हासिल कर सकते हैं। 

तेलंगाना : यहां दो सीटों पर चुनाव होने हैं। दोनों पर सत्तारूढ़ टीआरएस आसानी से जीत हासिल कर सकती है। 

आंध्र प्रदेश : राज्य की चारों राज्यसभा सीटों के सत्तारूढ़ एसआर कांग्रेस के खाते में जाने की संभावना है। 

तमिलनाडु : राज्य की छह सीटों पर राज्यसभा का चुनाव होना है। इनमें से चार सीटों पर डीएमके-कांग्रेस गठबंधन आसानी से जीत हासिल कर सकती है। माना जा रहा है कि तीन सीटों पर डीएमके और एक पर कांग्रेस उम्मीदवार खड़ा होगा। दो सीटों के लिए एआईडीएमके और डीएमके गठबंधन के बीच लड़ाई होगी। 
 

राज्यसभा चुनाव - फोटो : अमर उजाला
राज्यसभा सीटें कैसे निर्धारित होती हैं? 
राज्यसभा में सदस्यों की कुल संख्या 250 होती है, लेकिन इनमें से 12 सदस्यों को राष्ट्रपति की तरफ से मनोनीत किया जाता है। बाकी 238 सदस्यों का चुनाव राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधि करते हैं। इसके लिए अलग-अलग प्रदेशों में सीटों का बंटवारा होता है। किस राज्य को कितनी सीटें मिलेंगीं ये उस राज्य की जनसंख्या पर निर्भर करता है। जिस राज्य में जितनी ज्यादा जनसंख्या होगी, राज्य को उतनी ही ज्यादा सीटें मिलती हैं। सबसे बड़े राज्य यूपी को इसीलिए सबसे ज्यादा 31 राज्यसभा सीटें मिलती हैं। 

राज्यसभा सदस्यों का चुनाव कैसे होता है?
राज्यसभा सदस्यों का चुनाव अलग-अलग प्रदेशों से चुने गए विधायक करते हैं। विधायक एक समय में एक ही उम्मीदवार को वोट कर सकता है। हालांकि कुछ स्थिति में ये वोट ट्रांसफर भी हो सकता है। मसलन जिस उम्मीदवार को वोट डाला गया है, अगर वो पहले ही जीत चुका है तो ऐसे में वोट ट्रांसफर हो सकता है। दूसरा यह भी की अगर किसी उम्मीदवार को इतने कम वोट मिले हैं कि उसके जीतने की उम्मीद ना हो, ऐसी स्थिति में विधायक उम्मीदवारों के नाम के आगे प्राथमिकता देते हैं। एक से लेकर चार तक प्राथमिकता नंबर लिख देते हैं, जिसे गिनती के समय जोड़ लिया जाता है।
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