फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rajya Sabha: विपक्ष ने सीआईएसएफ कर्मियों की मौजूदगी का किया विरोध, महिला सांसद पर कार्रवाई को लेकर उठाए सवाल

Tue, 05 Aug 2025 04:46 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।

सार

Rajya Sabha: राज्यसभा में सीआईएसएफ के जवानों की तैनाती का विपक्ष ने विरोध किया और इसे लोकतंत्र के लिए खतरा बताया। कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी ने इसे महिला सांसदों को डराने की कोशिश बताया और पूछा कि क्या वह आतंकवादी हैं। विपक्षी नेताओं ने कहा कि सीआईएसएफ के जवानों को बुलाकर उनकी आवाज दबाई जा रही है। 
विज्ञापन
रेणुका चौधरी, तिरुचि शिवा - फोटो : एएनआई/वीडियो ग्रैब
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

राज्यसभा के भीतर केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के जवानों की तैनाती को लेकर विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार पर हमला बोला है। कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी, माकपा सांसद जॉन ब्रिटास और द्रमुक सांसद तिरुचि शिवा ने संसद में सुरक्षा बलों की भूमिका पर सवाल उठाए हैं और इसे लोकतंत्र के लिए खतरा बताया है।
विज्ञापन


कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी ने कहा, वे सोचते हैं कि वे हम पर ताकत दिखाकर हमें डरा देंगे। लेकिन हम डरने वाले नहीं हैं। वे असली आतंकवादियों को पकड़ नहीं पा रहे हैं... पहलगाम हमले में शामिल लोगों को पकड़ने में उन्हें कितना वक्त लग गया। और हमें नहीं पता कि उन्होंने जिनको पकड़ा, वो असली हैं भी या नहीं। लेकिन वे संसद में आकर महिलाओं को निशाना बना रहे हैं... ये कौन से हीरो हैं? यही इनका स्तर है। अब इन्हें संभलकर रहना चाहिए और देखना चाहिए कि जब एक महिला गुस्से में आती है, तो क्या होता है। 

ये भी पढ़ें: 'उद्धव ठाकरे गुट और मनसे जरूर मिलकर आगामी स्थानीय चुनाव लड़ेंगे', संजय राउत का एलान
विज्ञापन


रेणुका चौधरी ने आगे कहा, वे सोचते हैं कि सीआईएसएफ बुलाने से हम डर जाएंगे। हम सिर कटा सकते हैं, लेकिन हम झुकेंगे नहीं। हम वेल में खड़े रहेंगे और हमें इसके लिए किसी की अनुमति की जरूरत नहीं है। हमने कोई गैरकानूनी काम नहीं किया। फिर सीआईएसएफ क्यों आई? क्या हम आतंकवादी हैं या नक्सली? वे असली आतंकवादियों और उग्रवादियों को तो पकड़ नहीं पा रहे हैं। ऑपरेशन सिंदूर में शामिल लोगों को पकड़ने में कितने दिन लग गए और पता नहीं असली पकड़े भी गए या नहीं।

माकपा के सांसद ब्रिटास ने कहा, मैं रेणुका और बाकी सांसदों के खिलाफ की गई कार्रवाई की निंदा करता हूं। संसद की सुरक्षा में तैनात जवानों को एक तरफ बैठा दिया गया है और अब ये कह रहे हैं कि यही संसद सुरक्षा है। जो लोग वेल में आए, वे संसद की सुरक्षा टीम का हिस्सा नहीं थे, वे सीआईएसएफ से लाए गए लोग हैं... उन्होंने देश को गलत जानकारी दी है, इसके लिए उन्हें माफी मांगनी चाहिए। 
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: गोवा विधानसभा में ST को मिलेगा आरक्षण, लोकसभा में बिल पास; मणिपुर में राष्ट्रपति शासन छह महीने बढ़ा

वहीं, द्रमुक सांसद शिवा ने कहा, अगर सदन की कार्यवाही को निष्पक्ष तरीके से टेलीविजन पर दिखाया जाए, तो लोगों को पता चलेगा कि वास्तव में क्या हो रहा है। वे पूरी तरह से विपक्ष की आवाज को दबा रहे हैं... जब सदस्य अपनी बात उठा रहे हैं, तभी सीआईएसएफ के जवान अंदर घुस आ रहे हैं... सीआईएसएफ का वहां क्या काम है? वे कह रहे हैं कि वे मार्शल हैं, लेकिन असल में वे सीआईएसएफ के जवान हैं जो मार्शल की वर्दी में हैं... हमारे लोकतंत्र का क्या हाल हो गया है?

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें