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Operation Sindoor: 'अब हमने सुदर्शन चक्र उठा लिया है', आतंकी हमलों का जिक्र कर गरजे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह

Mon, 28 Jul 2025 02:45 PM IST
ज्योति भास्कर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।

सार

लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर बहस के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि  हमें भगवान कृष्ण से सीखना चाहिए कि धर्म की रक्षा के लिए अंत में सुदर्शन चक्र उठाना पड़ता है। दुष्ट के साथ उसी तरीके से व्यवहार करना चाहिए। हमने 2006 के संसद हमले, 2008 के मुंबई हमले देखे हैं। और अब हमने सुदर्शन चक्र उठा लिया है। 
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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर बहस के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आतंकवाद के खिलाफ भारत की सख्ती की बात पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हमें भगवान कृष्ण से सीखना चाहिए कि धर्म की रक्षा के लिए अंत में सुदर्शन चक्र उठाना पड़ता है। रक्षा मंत्री ने एक संस्कृत मंत्र का उच्चारण करते हुए कहा कि 'शठे शाठ्यं समाचरेत्' यानी दुष्ट के साथ उसी तरीके से व्यवहार करना चाहिए। हमने 2006 के संसद हमले, 2008 के मुंबई हमले देखे हैं। अब हमने कहा कि बस अब काफी हो गया और अब हमने सुदर्शन चक्र उठा लिया। राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत अब आतंकवाद के खिलाफ दृढ़ और सशक्त कदम उठा रहा है।
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हाथ उखाड़ना भी जानते हैं- रक्षा मंक्षी
रक्षा मंत्री ने आगे कहा कि भारत शांति चाहता है, लेकिन जो अशांति फैलाते हैं, उनके खिलाफ कड़ा कदम उठाने में भी हम पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा कि अगर हम शांति के लिए हाथ बढ़ाना जानते हैं, तो अशांति फैलाने वालों के हाथ भी उखाड़ना जानते हैं। दुष्टों के साथ दुष्टता का ही व्यवहार करना चाहिए।

आतंक के खिलाफ भारत की लड़ाई पर जोर
राजनाथ सिंह ने बताया कि भारत की लड़ाई अब सिर्फ सीमा पर ही नहीं, बल्कि वैचारिक स्तर पर भी आतंकवाद के खिलाफ जारी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने इस उद्देश्य से एक उच्चस्तरीय समिति बनाई है जिसमें विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि शामिल हैं। उन्होंने बताया कि यह समिति दुनिया भर के मंचों पर जाकर भारत की बात रख रही है और आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक समर्थन को मजबूत कर रही है।

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रक्षा मंत्री प्रतिनिधिमंडलों का जताया आभार
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने देश और विदेश में उन सभी प्रतिनिधिमंडलों का आभार जताया, जिन्होंने भारत के आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख और ऑपरेशन सिंदूर की जानकारी विश्वभर में फैलाने में मदद की। उन्होंने कहा कि जब पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी सत्ता में थे, तब भारत-पाकिस्तान के बीच कम्पोजिट डायलॉग का नियम था कि पाकिस्तान अपनी जमीन का इस्तेमाल भारत के खिलाफ आतंक फैलाने के लिए नहीं करेगा, जिसे पाकिस्तान ने स्वीकार भी किया था। लेकिन 2009 में, तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने शर्म-अल-शेख में एक बड़ी गलती की जब इस डायलॉग से पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद को अलग कर दिया गया। इससे भारत की रणनीतिक स्थिति कमजोर हुई।
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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह - फोटो : अमर उजाला
आतंकवाद एक राजनीतिक हथियार
रक्षा मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित आतंकवाद कोई पागलपन नहीं है, बल्कि यह एक सोची-समझी साजिश और नीति का हिस्सा है। उन्होंने बताया कि यह आतंकवाद नहीं, बल्कि एक टूलकिट है, जिसे पाकिस्तान की सेना और खुफिया एजेंसियां राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करती हैं। यह सोच पूरी दुनिया के सभ्य नियमों के खिलाफ है और इसमें सहिष्णुता की कोई जगह नहीं।

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पाकिस्तान को फेल्ड स्टेट बताया
रक्षा मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान एक ऐसा देश है जो दोहरे मापदंड और झूठ पर आधारित है, और अब वह एक फेल्ड स्टेट की तरह नजर आ रहा है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के जरिए भारत ने पूरी दुनिया को दिखा दिया है कि आतंकवाद को जड़ से खत्म करने का हमारा संकल्प अडिग है।

राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत का पाकिस्तान के साथ कोई सीमाई विवाद नहीं है, यह सभ्यता बनाम बर्बरता का संघर्ष है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के हुक्मरान जानते हैं कि वे भारत से सीधे युद्ध में नहीं जीत सकते, इसलिए वे आतंकवाद को पाला-पोसा करते हैं, उसका प्रशिक्षण देते हैं, और फिर खुद को निर्दोष दिखाते हैं।
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