लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर बहस के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि हमारी सेना ने एक साथ नौ आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए। इस ऑपरेशन में जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा, और हिज्बुल मुजाहिदीन जैसे आतंकी संगठनों से जुड़े 100 से अधिक आतंकवादी, उनके ट्रेनर, हैंडलर और सहयोगी मारे गए।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर को लेकर हो रही बहस के दौरान उसकी सफलता की बात पर जोर दिया। बहस की शुरुआत में रक्षा मंत्री ने कहा कि सबसे पहले मैं इस सदन के माध्यम से देश के उन वीर सपूतों को उन बहादुर सैनिकों को नमन करता हूं, जो इस राष्ट्र की सीमाओं की रक्षा के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। उन्होंने कहा कि मैं उन सैनिकों की स्मृति को भी नमन करता हूं, जिन्होंने भारत की एकता और अखण्डता सुनिश्चित करने के लिए अपना बलिदान दिया।
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वीर सैनिकों ने 22 मिनट में 100 आतंकी को उतारा मौत के घाट
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि पहलगाम आतंकी हमले के तुरंत बाद भारतीय सशस्त्र बलों ने जवाबी कार्रवाई की। उन्होंने कहा कि हमारी सेना ने एक साथ नौ आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए। इस ऑपरेशन में जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा, और हिज्बुल मुजाहिदीन जैसे आतंकी संगठनों से जुड़े 100 से अधिक आतंकवादी, उनके ट्रेनर, हैंडलर और सहयोगी मारे गए। रक्षा मंत्री ने बताया कि ये पूरा ऑपरेशन सिर्फ 22 मिनट में संपन्न हुआ।
ऑपरेशन सिंदूर को लेकर बहस पर क्या बोले सिंह
22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने छह से सात मई को ऑपरेशन सिंदूर के तहत दुश्मनों को सबक सिखाया। इसको लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारतीय सेनाओं ने ऑपरेशन सिंदूर के नाम से एक ऐतिहासिक सैन्य कार्रवाई को अंजाम दिया। यह केवल एक सैन्य कार्रवाई नहीं थी, बल्कि यह भारत की संप्रभुता, उसकी अस्मिता, देश के नागरिकों के प्रति हमारी जिम्मेदारी और आतंकवाद के खिलाफ हमारी नीति का एक असरदार और निर्णायक था।
आज का भारत सहता नहीं, जवाब देता है- सिंह
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि आज मोदीजी के नेतृत्व में भारत वह देश नहीं रहा जो पहले था। आज भारत सहता नहीं, जवाब देता है। आज भारत आतंक की जड़ तक जाता है और उसे उखाड़ फेंकने का सामर्थ्य रखता है। मैं बस इतना कहना चाहता हूं कि आज का भारत अलग सोचता है और अलग तरीके से काम करता है। हमारा मानना है कि जब आपका प्रतिद्वंद्वी आतंक को रणनीति बना चुका हो और बातचीत की भाषा नहीं समझता हो, तो दृढ़ रहना और निर्णायक होना ही एकमात्र विकल्प होता है।
भारत मातृभूमि की रक्षा के लिए संकल्पबद्ध- सिंह
साथ ही राजनाथ सिंह ने आगे ये भी कहा कि आतंकवाद को समर्थन देने वालों को ये संदेश चला गया होगा कि भारत अपनी मातृभूमि की रक्षा के लिए संकल्पबद्ध है। उन्होंने कहा कि आइए हम सभी दलगत भेदभाव से ऊपर उठकर एक साथ खड़े हों। रक्षा मंत्री ने राष्ट्रीय संकल्प को मजबूत करने की बात पर जोर देते हुए कहा कि आइए हम सब मिलकर इस राष्ट्रीय संकल्प को मजबूत करें, यही हम सबका राष्ट्रीय दायित्व हैं।