सफर के दौरान यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने और आपराधिक गतिविधियों को रोकने के लिए राजधानी और शताब्दी जैसी ट्रेनों के दरवाजों में जल्द ही ऑटोमैटिक लॉकिंग प्रणाली लगाई जाएगी।
इस नई प्रणाली को ट्रेन का गार्ड अपने केबिन में बैठकर नियंत्रित करेगा। इस सिस्टम के तहत ट्रेन जब स्टेशन पर पहुंचेगी तब इसका दरवाजा अपने आप ही खुल जाएगा और ट्रेन के रवाना होने से पहले खुद ही बंद हो जाएगा। वर्तमान समय में ट्रेन के दरवाजे लोगों द्वारा खोले और बंद किए जाते हैं।
रेल मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि एक पायलट परियोजना के तहत इस वर्ष अप्रैल तक ऐसी दो राजधानी और दो शताब्दी ट्रेनों का परिचालन शुरू हो जाएगा जिनके दरवाजों में स्वचालित लॉकिंग प्रणाली लगी होगी। हाल के दिनों में चलती ट्रेन से यात्रियों के गिरने की घटनाएं बढ़ी हैं। इस तरह की शिकायतें मुंबई उपनगरीय सेक्शन से अधिक मिल रही हैं। इस बात को ध्यान में रख कर रेल मंत्रालय ने यात्रियों की सुरक्षा के लिए यह कदम उठाया है।