देश में मनीलांड्रिंग का एक बड़ा मामला सामने आ रहा है। सरकार को 3900 करोड़ का घपले का अंदेशा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय में अधिकारियों ने कार्रवाई करने पर विचार किया।
सूत्रों के अनुसार इस मामले में सरकार की तरफ से 49 कंपनियों को चिंहित किया गया है जिनपर मनी लॉंड्रिंक एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है। ऐसी 49 शेल कंपनियों के खिलाफ जांच के बाद सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर ने आपराधिक मामला दर्ज किया है। जांच में पाया गया है कि 559 लाभार्थियों ने 54 प्रोफेशनल्स की मदद से 3900 करोड़ रुपये का हेरफेर किया है।
इन जानकारियों को स्पेशल इनवेस्टिगेशन टीम, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट, प्रवर्तन निदेशालय, सेबी और इंस्टिट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया से साझा किया है। साथ ही इनके बैंक खाते भी सील किए जा रहे हैं।
बैठक में ये बात निकलकर सामने आयी की देश में 15 लाख रजिस्टर्ड कंपनियां हैं जिनमें से छह लाख ही रिटर्न दाखिल कर रही हैं। जबकि नौ लाख रिटर्न दाखिल नहीं कर रही हैं और नोटबंदी के बाद इन कंपनियों के खातों में 1238 करोड़ रुपए आए। सरकार ने इस मामले की जांच के लिए आयकर विभाग के साथ एसआईटी का भी गठन किया है।
Meeting held in PMOwith various Depts' Sr Officers to review functioning of Shell Companies to prevent misuse fr money laundering&taxevasion
— ANI (@ANI_news) February 10, 2017
Task Force set up by PMO under Co-chairmanship of Revenue Secy&Corporate Affairs Secy to monitor actions taken agnst deviant shell companies
— ANI (@ANI_news) February 10, 2017